Last updated: June 17th, 2026 at 10:25 am

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को प्राथमिक इलाज के लिए पटना रेफर करने की प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा और अधिकांश मरीजों का इलाज जिले के अस्पतालों में ही सुनिश्चित किया जाएगा।
जदयू कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिले में ही मिलेगा बेहतर इलाज
मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अनुमंडल और सदर अस्पतालों में ही मरीजों को बेहतर और समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि अब डॉक्टर केवल गंभीर और विशेष परिस्थितियों में ही मरीजों को पटना या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर कर सकेंगे।
रेफरल सिस्टम में होगा सुधार
निशांत कुमार ने कहा कि जिला स्तर पर डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही कर सकें। इसके लिए सिविल सर्जन को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों का इलाज जिले में ही प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओपन हार्ट सर्जरी या अत्यधिक गंभीर मामलों को छोड़कर अब सामान्य मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से पटना के अस्पतालों पर दबाव कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
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