Last updated: June 17th, 2026 at 10:21 am

पटना में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत चल रहा राजस्व महा-अभियान अब 21 जून 2026 तक जारी रहेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में लंबित भूमि संबंधी मामलों का तेजी से निपटारा करना है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने निर्देश दिया है कि इस अवधि के दौरान सभी लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत स्कैनिंग और उन्हें संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए। इससे भूमि अभिलेख सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारे से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
46 लाख से अधिक आवेदनों पर काम जारी
विभागीय जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत कुल 46 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से अधिकांश की स्कैनिंग पूरी कर ली गई है और एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड भी किया जा चुका है। पिछले एक सप्ताह में इस कार्य में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
मंत्री ने बताया कि कई जिलों ने इस अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खगड़िया, दरभंगा, पूर्णिया, वैशाली और रोहतास जैसे जिलों में स्कैनिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि कुछ जिलों में अभी और तेजी की जरूरत है।
जिलों को दिए गए सख्त निर्देश
डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जहां कार्य की गति धीमी है, वहां अतिरिक्त मानव संसाधन लगाकर अभियान को समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है और विभागीय स्तर पर रोजाना इसकी समीक्षा की जा रही है।
भूमि व्यवस्था में डिजिटल सुधार की दिशा में कदम
सरकार का लक्ष्य भूमि प्रशासन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। इस अभियान से लाखों रैयतों को भूमि संबंधी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। विभागीय सचिव ने भी सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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