Last updated: August 12th, 2026 at 06:10 am

बिहार के मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने की तैयारी है। राज्य सरकार ने मदरसों में AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी, कोडिंग, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में निशुल्क कौशल प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार, यह कार्यक्रम राज्य के 3,588 मदरसों में लागू किया जाएगा। इसमें अनुदान प्राप्त और गैर-अनुदानित, दोनों श्रेणी के मदरसे शामिल होंगे।
3,588 मदरसों के छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण
योजना के तहत राज्य के 1,942 अनुदान प्राप्त और 1,646 गैर-अनुदानित मदरसों के विद्यार्थियों को कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान ने सभी मदरसों में प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
NSIC के सहयोग से चलेगा कार्यक्रम
प्रशिक्षण कार्यक्रम को केंद्र सरकार के उपक्रम National Small Industries Corporation (NSIC) के सहयोग से संचालित करने की तैयारी है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और NSIC के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
प्रारंभिक स्तर पर विद्यार्थियों को AI, ड्रोन, कोडिंग और रोबोटिक्स के अलावा इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर शिक्षा और इलेक्ट्रिकल वायरिंग जैसे व्यावहारिक ट्रेड में भी प्रशिक्षण देने की योजना है।
पढ़ाई के साथ रोजगार पर भी फोकस
सरकार की योजना केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए विभिन्न जिलों में रोजगार मेले आयोजित किए जाने की भी तैयारी है। इन रोजगार मेलों के जरिए प्रशिक्षित विद्यार्थियों और युवाओं को संबंधित क्षेत्रों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
आधुनिक कौशल से जुड़ेंगे मदरसा विद्यार्थी
इस पहल के जरिए सरकार मदरसा शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक कौशल से जोड़ना चाहती है। AI, ड्रोन, कोडिंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में शुरुआती प्रशिक्षण मिलने से विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए विकल्प खुल सकते हैं।
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