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8 सीटों पर मतगणना जारी, 150 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला; अनंत सिंह के घर जश्न की तैयारी

बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 8 सीटों पर मंगलवार, 27 अक्टूबर को मतगणना जारी है। इस
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बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 8 सीटों पर मंगलवार, 27 अक्टूबर को मतगणना जारी है। इस चुनाव में कुल 150 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की हो रही है, जहां जदयू के मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार और जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह के बीच मुकाबला है। इस सीट पर मोकामा विधायक अनंत सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर मानी जा रही है।

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    अनुज सिंह के समर्थन में उतरे थे अनंत सिंह

    पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह ने जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय अनुज सिंह का समर्थन किया था। इसके बाद पार्टी ने अनंत सिंह को निष्कासित कर दिया था। ऐसे में इस सीट का चुनाव परिणाम उनके लिए राजनीतिक रूप से अहम हो गया है।

    अनंत सिंह के आवास पर जश्न की तैयारी

    मतगणना के बीच अनुज सिंह की जीत की उम्मीद में अनंत सिंह के आवास पर जश्न की तैयारी की गई है। खबरों के मुताबिक, उनके घर पर पंडाल बनाया गया है और मिठाइयों का इंतजाम भी किया गया है। गुलाब जामुन को लेकर भी चर्चा है। मतगणना से पहले अनुज सिंह ने पटना स्नातक सीट पर 5,000 वोटों से जीत का दावा किया था। अब देखना होगा कि नतीजे उनके दावे के अनुरूप आते हैं या नहीं।

    23 अक्टूबर को हुआ था मतदान

    बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। कुल 150 प्रत्याशियों में 90 स्नातक कोटे की सीटों और 60 शिक्षक कोटे की सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।

    मतदान के आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में औसतन 74.55 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 43.87 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। शिक्षक सीटों में सारण में सबसे अधिक 87.16 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि स्नातक सीटों में पटना में सबसे कम 36.19 प्रतिशत वोट पड़े।

    कैसे तय होगी जीत?

    विधान परिषद की इन सीटों पर आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल संक्रमणीय मत यानी सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (STV) प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मतदाता प्रत्याशियों को अपनी पसंद के अनुसार पहली, दूसरी और आगे की वरीयता देते हैं।

    मतगणना में पहले प्रथम वरीयता के मतों की गिनती की जाती है। निर्धारित कोटा हासिल होने पर जीत तय हो सकती है। यदि किसी प्रत्याशी को आवश्यक कोटा नहीं मिलता, तो लागू नियमों के अनुसार सबसे कम मत पाने वाले प्रत्याशी को बाहर कर उसके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयताओं के मत शेष प्रत्याशियों को स्थानांतरित किए जा सकते हैं। यह प्रक्रिया जरूरत के अनुसार आगे बढ़ती है।

    नतीजों पर टिकीं राजनीतिक दलों की निगाहें

    बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के परिणाम राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। खासकर पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनुज सिंह के बीच मुकाबले पर सबकी नजर है। अनंत सिंह के समर्थन और जदयू से उनके निष्कासन के बाद इस सीट की चर्चा और बढ़ गई है। अब मतगणना के नतीजे ही बताएंगे कि मतदाताओं ने किस प्रत्याशी के पक्ष में फैसला सुनाया है।

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