Last updated: April 19th, 2026 at 10:01 am

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में महिला आरक्षण को लेकर बयानबाज़ी अब और तेज होती जा रही है। सत्ता पक्ष के आरोपों के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को महिला विरोधी बताना पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि इस मुद्दे के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जबकि असली मुद्दा कहीं और है।
उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पहले ही पारित हो चुका था, तो उसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने राष्ट्रपति की मंजूरी में हुई देरी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस विषय को जानबूझकर लंबित रखा गया है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि राज्य सरकार के कई फैसले स्थानीय जरूरतों के बजाय केंद्रीय स्तर से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है, जबकि अन्य दल इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने में लगे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इसे और व्यापक बनाने के पक्ष में हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आरक्षण की सीमा बढ़ाकर उसमें पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी अलग से हिस्सा दिया जाना चाहिए।
आने वाले विधानसभा सत्र और फ्लोर टेस्ट को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी और इसे औपचारिक प्रक्रिया बताया। साथ ही कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि इन मामलों में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में महिला आरक्षण का मुद्दा अब एक बड़े राजनीतिक विमर्श का रूप ले चुका है, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीति के साथ आमने-सामने हैं।
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