Last updated: July 20th, 2026 at 08:24 am

बिहार के सरकारी विद्यालयों को भगवा रंग से रंगे जाने के मुद्दे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र ने इस फैसले का विरोध करते हुए राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर तीखा हमला बोला।
मीडिया से बातचीत में भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकारी विद्यालय किसी राजनीतिक विचारधारा या विशेष रंग का प्रतीक नहीं होने चाहिए। उनका कहना था कि यदि स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों का उपयोग किया जाता तो उसे स्वीकार किया जा सकता था, लेकिन केवल भगवा रंग का इस्तेमाल कई सवाल खड़े करता है।
आरजेडी विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा संस्थानों का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन इस मुद्दे को पूरे राज्य में उठाएगा और जनता के बीच इस पर व्यापक चर्चा करेगा। उनके अनुसार, स्कूलों का भगवाकरण गलत संदेश देता है और शिक्षा को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
इस दौरान भाई वीरेंद्र ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को चेतावनी भरे अंदाज में भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मंत्री अनावश्यक बयानबाजी से बचें और दावा किया कि उनके पास कई ऐसे तथ्य हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक किया जा सकता है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाई वीरेंद्र ने बांकीपुर उपचुनाव में अपनी पार्टी की जीत का भी दावा किया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की विधानसभा में अनुपस्थिति पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता तेजस्वी यादव के नेतृत्व और विचारों के साथ मजबूती से काम कर रहा है।
सरकारी स्कूलों के रंग को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब बिहार की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है। माना जा रहा है कि मानसून सत्र के आगामी दिनों में इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
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