Human Live Media

HomeNewsधर्मेंद्र प्रधान के पोर्टफोलियो बदलने की अटकलों पर BJP का स्पष्टीकरण, संबित पात्रा बोले- रिपोर्ट पूरी तरह निराधार

धर्मेंद्र प्रधान के पोर्टफोलियो बदलने की अटकलों पर BJP का स्पष्टीकरण, संबित पात्रा बोले- रिपोर्ट पूरी तरह निराधार

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनका मंत्रालय बदलने की चर्चाओं पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आधिकारिक
images (88)

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनका मंत्रालय बदलने की चर्चाओं पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए सभी दावों को खारिज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कहा कि मीडिया में प्रकाशित इस तरह की खबरें पूरी तरह काल्पनिक और तथ्यों से परे हैं।

Table of Contents

    संबित पात्रा ने स्पष्ट कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट का कोई आधार नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और किसी प्रकार का भ्रम न फैलाया जाए।

    इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाने के बजाय उनका विभाग बदलने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, इन दावों को लेकर BJP ने साफ शब्दों में इनकार किया है।

    रिपोर्टों के अनुसार, छात्र संगठन CJP के प्रतिनिधिमंडल ने कथित तौर पर इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अपनी मांग पर कायम रहा। इसके बाद हुई बातचीत के तीसरे दौर के कुछ समय बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

    बताया गया कि CJP और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की वार्ता हुई, जिसमें संगठन ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई, तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल थी।

    बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया। इसके बाद सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच अंतिम दौर की बातचीत कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई। इस बैठक के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

    उधर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग को लेकर संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इसी बीच संसद में *पब्लिक एग्जामिनेशन्स (संशोधन) बिल, 2026* पर चर्चा भी जारी रही, जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को और सख्त बनाना है।

    Loading

    Comments are off for this post.