Last updated: September 11th, 2026 at 10:08 am

नई दिल्ली: BRICS अब सिर्फ एक आर्थिक समूह नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में तेजी से प्रभाव बढ़ाने वाला मंच बन चुका है। वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है और 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। भारत 1 जनवरी 2026 से समूह की अध्यक्षता संभाल रहा है।
भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी BRICS की अध्यक्षता कर चुका है। इस साल सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है।
BRICS में कितने सदस्य देश हैं?
BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से हुई थी। विस्तार के बाद अब समूह में 11 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और UAE शामिल हैं।
इसके अलावा बेलारूस, बोलीविया, कज़ाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को पार्टनर देश का दर्जा मिला है। इस तरह 20 से ज्यादा देश BRICS के सदस्य या पार्टनर के तौर पर समूह से जुड़े हुए हैं।
BRICS में सबसे ताकतवर देश कौन?
अगर आर्थिक ताकत को GDP के आधार पर मापा जाए तो चीन BRICS का सबसे बड़ा सदस्य है। उपलब्ध अनुमानों के मुताबिक 2026 में चीन की अर्थव्यवस्था करीब 20.65 लाख करोड़ डॉलर की हो सकती है। यह BRICS के बाकी सदस्य देशों की तुलना में काफी बड़ी है।
चीन की ताकत सिर्फ GDP तक सीमित नहीं है। खरीद क्षमता यानी PPP के आधार पर भी चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में है। इसके अलावा सैन्य और तकनीकी क्षमता के लिहाज से भी चीन BRICS में सबसे प्रभावशाली देशों में माना जाता है।
भारत BRICS में किस नंबर पर है?
GDP के आकार के लिहाज से भारत BRICS में दूसरे स्थान पर है। 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार करीब 4.5 लाख करोड़ डॉलर रहने का अनुमान बताया गया है। वैश्विक स्तर पर भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसकी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार लगातार चर्चा में बनी हुई है।
भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी तेज आर्थिक वृद्धि है। दिए गए अनुमानों के मुताबिक 2025 में भारत की GDP वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत और 2026 में करीब 6.5 प्रतिशत रह सकती है। यानी आर्थिक आकार के मामले में चीन BRICS में सबसे आगे है, जबकि भारत दूसरे नंबर पर रहते हुए तेज विकास दर के कारण समूह की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
![]()
Comments are off for this post.