Last updated: June 2nd, 2026 at 08:27 am

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 12वीं बोर्ड परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन के लिए शुरू की गई ऑनलाइन प्रक्रिया तकनीकी समस्याओं के कारण चर्चा में आ गई है। पोर्टल खुलने के कुछ ही समय बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने लॉगिन और आवेदन सबमिट करने में दिक्कतों की शिकायत की है।
छात्रों का कहना है कि पोर्टल पर अपने विवरण दर्ज करने के बावजूद वे सफलतापूर्वक लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं। कई उपयोगकर्ताओं को सिस्टम पर “Failed” संदेश दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ छात्रों ने वेरिफिकेशन और आवेदन प्रक्रिया के बीच पोर्टल के बार-बार बंद होने की शिकायत भी की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी कई छात्र और अभिभावक अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। बढ़ती शिकायतों के बीच CBSE ने कहा है कि जिन अभ्यर्थियों को तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वे अपनी समस्या बोर्ड को सीधे संदेश (DM) के माध्यम से भेज सकते हैं।
पोर्टल की शुरुआत के साथ ही सामने आई तकनीकी चुनौतियों ने छात्रों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन की प्रक्रिया समय-सीमा से जुड़ी होती है। कई छात्र इस बात को लेकर चिंतित हैं कि तकनीकी बाधाओं के कारण उनका आवेदन समय पर पूरा हो पाएगा या नहीं।
इसी बीच, इस वर्ष लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ छात्रों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि डिजिटल माध्यम से कॉपियों की जांच के दौरान कुछ उत्तरों के मूल्यांकन में त्रुटियों की आशंका बनी हुई है।
इसके अलावा, OSM प्रणाली से जुड़े टेंडर और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों और आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक जांच या अंतिम निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
फिलहाल छात्र बोर्ड की ओर से पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के समाधान और आवेदन प्रक्रिया को सुचारु बनाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा संबंधी ऑनलाइन सेवाओं के दौरान तकनीकी स्थिरता सुनिश्चित करना छात्रों के हित में बेहद महत्वपूर्ण है।
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