Last updated: June 2nd, 2026 at 08:23 am

नई दिल्ली: देश की प्रमुख खनन और धातु क्षेत्र की कंपनी वेदांता ग्रुप एक बार फिर जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर चर्चा में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में कंपनी से संबंधित कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल से जुड़े कुछ परिसरों सहित विभिन्न ठिकानों पर की जा रही है। जांच एजेंसी विदेशी मुद्रा लेन-देन और नियामकीय अनुपालन से जुड़े कुछ पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि मामले को लेकर अभी तक ईडी या कंपनी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, यह जांच ऐसे समय में सामने आई है जब वेदांता ग्रुप अपने प्रस्तावित कॉरपोरेट पुनर्गठन (डीमर्जर) की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। समूह ने हाल ही में अपने व्यवसाय को अलग-अलग स्वतंत्र इकाइयों में विभाजित करने की योजना को लेकर आवश्यक मंजूरियां प्राप्त की थीं।
FEMA के तहत होने वाली जांचों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा लेन-देन से जुड़े नियमों के पालन की समीक्षा करना होता है। प्रवर्तन निदेशालय उन मामलों की जांच करता है जिनमें विदेशी निवेश, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन या विदेशी संपत्तियों से संबंधित नियमों के उल्लंघन की आशंका होती है।
वेदांता समूह का नाम पहले भी विदेशी मुद्रा नियमों से जुड़े मामलों में नियामकीय जांच के दायरे में आ चुका है। अतीत में समूह की कुछ कंपनियों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई और जुर्माने की प्रक्रिया भी सामने आई थी।
फिलहाल जांच एजेंसियां दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा कर रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उद्योग जगत और निवेशकों की नजर इस जांच के अगले चरण पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में एजेंसियों या कंपनी की ओर से अधिक जानकारी सामने आने की संभावना है।
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