Last updated: June 6th, 2026 at 09:00 am

पटना। बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पार्टी के उम्मीदवार के नाम को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने विचार-विमर्श के बाद अशरफ अंसारी के नाम को विधान परिषद चुनाव के लिए औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद यह स्पष्ट माना जा रहा है कि एलजेपी (रामविलास) की ओर से अशरफ अंसारी ही उम्मीदवार होंगे।
इस फैसले के साथ ही पूर्व विधान पार्षद हुलास पांडेय की उम्मीदवारी पर विराम लग गया है। लंबे समय से उनके नाम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही थी और उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा था।
जानकारों के अनुसार, यह निर्णय केवल उम्मीदवार चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी की नई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अशरफ अंसारी संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और उन्हें पार्टी के मजबूत संगठनात्मक चेहरों में गिना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले के जरिए एलजेपी (रामविलास) बिहार में अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश कर रही है।
हुलास पांडेय शाहाबाद क्षेत्र में मजबूत जनाधार वाले नेता माने जाते हैं और पार्टी के पुराने चेहरों में शामिल हैं। ऐसे में उनके नाम पर मुहर न लगने से उनके समर्थकों में निराशा देखी जा रही है, हालांकि पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
एनडीए के भीतर सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर लगातार मंथन जारी है। ऐसे में सभी दल अपने-अपने स्तर पर संतुलन साधने में जुटे हुए हैं।
फिलहाल सभी की नजरें आगामी विधान परिषद चुनाव और एनडीए की अंतिम उम्मीदवार सूची पर टिकी हैं, जिसमें आगे और भी बड़े राजनीतिक फैसले देखने को मिल सकते हैं।
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