Last updated: June 17th, 2026 at 10:18 am

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के विस्तार और नई टाउनशिप परियोजना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक अत्याधुनिक शहर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जिसका स्वरूप भविष्य में एक नए शहर के रूप में सामने आएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित टाउनशिप को ऐतिहासिक पहचान देने के लिए इसे ‘पाटलिपुत्र’ नाम से विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम बदलने की बात नहीं है, बल्कि एक आधुनिक और बड़े शहर की कल्पना को साकार करने की दिशा में कदम है।
किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के तहत किसी भी किसान या स्थानीय परिवार को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मौजूदा दर से अधिक मुआवजा देने पर विचार कर रही है ताकि किसी भी परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
संवेदनशील मामलों में राहत का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के सामाजिक कार्यक्रम जैसे विवाह आदि तय हैं या जो किसी संकट की स्थिति में हैं, उन्हें तत्काल सहायता दी जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारियों को आवश्यक अधिकार पहले ही दिए जा चुके हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विकास और रोजगार पर फोकस
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का मुख्य लक्ष्य सुशासन, कानून व्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। इसके लिए राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और निवेश आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना पटना के बढ़ते दबाव को कम करेगी और राज्य में रोजगार, आवास और निवेश के नए अवसर पैदा करेगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना बिहार के शहरी विकास को नई दिशा देगी और आने वाले वर्षों में राज्य को आधुनिक शहरों की श्रेणी में मजबूती से स्थापित करेगी।
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