Last updated: June 22nd, 2026 at 09:07 am

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में आम नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए।
जनता दर्शन कार्यक्रम में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
बिना रजिस्ट्रेशन भी पहुंच सकते हैं नागरिक
‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी प्रकार के पूर्व रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी नागरिक सीधे इस कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी समस्या मुख्यमंत्री और अधिकारियों के सामने रख सकता है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से यह सुझाव दिया जाता है कि नागरिक अपनी शिकायतें पहले से ही उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कर दें, ताकि मामलों का रिकॉर्ड पहले से उपलब्ध रहे और सुनवाई के दौरान उन पर तेजी से कार्रवाई हो सके।
ऑनलाइन शिकायत से बढ़ती है प्रक्रिया की गति
ऑनलाइन दर्ज शिकायतों को जनता दर्शन के दौरान प्राथमिकता के आधार पर देखा जाता है, जिससे समाधान प्रक्रिया अधिक प्रभावी और समयबद्ध बन सके। इसके अलावा, यह व्यवस्था शिकायतों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद करती है।
समय और स्थान में हो सकता है बदलाव
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनता दर्शन कार्यक्रम का समय या स्थान परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट या जनसुनवाई पोर्टल का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कार्यक्रम जनता और प्रशासन के बीच सीधे संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है।
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