Last updated: October 27th, 2026 at 08:47 am

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के आसपास टकरा सकता है। उस समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की आशंका है।
तूफान का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों में पड़ने की आशंका है। इसके प्रभाव से भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा है। मौसम विभाग ने बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में भी आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।
आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के तट की ओर बढ़ने के साथ आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ रहा है। विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम, विजयनगरम, अनकापल्ली, काकीनाडा और गोदावरी क्षेत्र के जिलों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर सकता है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और खराब मौसम के कारण मछुआरों तथा समुद्री गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से स्थानीय मौसम चेतावनियों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
चक्रवात के प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पुरी, गंजम, गजपति, खुर्दा, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और आसपास के जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका जताई गई है।
भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने का खतरा है। समुद्र में स्थिति खराब रहने से मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के तट से टकराने के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को बढ़ सकती है बारिश
चक्रवात अर्नब का असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, राज्य में 27 अक्टूबर के लिए मौसम विभाग की उपखंडवार चेतावनी में कोई चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन 28 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। 29 और 30 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 31 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत है। बारिश के दौरान खेतों में कटी फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है।
झारखंड में भी बदलेगा मौसम
झारखंड में 27 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को भारी बारिश और 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। 30 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर निर्माणों से दूर रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पर भी असर
चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की आशंका है। अलग-अलग राज्यों में बारिश की तीव्रता और समय अलग हो सकता है। इसलिए लोगों को अपने जिले के लिए जारी मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए।
28 अक्टूबर को लैंडफॉल पर नजर
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार करने की आशंका है। तट से टकराते समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और तेज झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक चल सकते हैं।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को समुद्र के पास जाने से बचना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। बिहार और झारखंड समेत अन्य राज्यों में भी अगले कुछ दिनों के मौसम पर नजर रखना जरूरी है।
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