Last updated: October 27th, 2026 at 08:31 am

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक कोटे की 11 सीटों के लिए मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है। मतगणना के बीच मेरठ में निर्दलीय प्रत्याशी और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गई, जबकि आगरा में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
मेरठ में निर्दलीय प्रत्याशी की पुलिस से नोकझोंक
मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय स्थित मतगणना केंद्र पर निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ की पुलिसकर्मियों से बहस हो गई। लाइव अपडेट के मुताबिक, विवाद के दौरान उन्होंने एक पुलिसकर्मी से कथित तौर पर कहा, “तुम्हारी औकात क्या है?”
मामला बढ़ने पर एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप कर स्थिति शांत कराई। मेरठ-सहारनपुर खंड की मतगणना के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
सात केंद्रों पर हो रही मतगणना
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर के सात केंद्रों पर कराई जा रही है। सभी केंद्रों पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में मतों की गिनती जारी है।
मतगणना केंद्रों के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मेरठ में 18 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी भी व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
आगरा में सपा प्रत्याशी ने लगाए आरोप
आगरा में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधकों को परेशान किया गया और कई जिलों में सत्ता का दुरुपयोग हुआ।
आकाश अग्रवाल ने चुनावी हालात की तुलना पश्चिम बंगाल से करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मतगणना निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की। ये आरोप सपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
2027 से पहले भाजपा और सपा की नजर नतीजों पर
विधान परिषद की इन 11 सीटों के चुनाव परिणाम को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कार्यकाल में इन सीटों में से छह पर भाजपा, तीन पर सपा और एक-एक सीट पर निर्दलीय तथा शिक्षक गुट का कब्जा था।
अब सभी की नजर मतगणना के अंतिम नतीजों पर है। परिणाम से पता चलेगा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में किस दल और प्रत्याशी को मतदाताओं का समर्थन मिला है।
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