Last updated: October 24th, 2026 at 12:46 pm

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 47.6 लाख नाम हटाए जाने के बाद अब दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आए आवेदनों के आंकड़े चर्चा में हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के मुताबिक, 31 अगस्त से 22 अक्टूबर 2026 के बीच फॉर्म-6 के 2,50,754 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें नए मतदाताओं के साथ SIR के दौरान ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए लोग भी शामिल हैं।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। दिल्ली से जयपुर तक विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने भी SIR के विरोध में प्रदर्शन किए हैं।
चुनाव आयोग ने 33 लाख मामलों पर क्या बताया?
दिल्ली CEO कार्यालय के अनुसार, SIR के दौरान करीब 33 लाख मतदाताओं के मामलों को चिह्नित किया गया था। इनमें पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ाव नहीं मिलना और विवरण में विसंगतियां जैसी वजहें शामिल थीं। कार्यालय के मुताबिक, इनमें से लगभग 29.95 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों से जुड़े मतदाता अंतिम सूची में शामिल रहेंगे, जब तक कि कोई व्यक्ति फॉर्म-7 के जरिए उनके नाम पर आपत्ति दर्ज नहीं कराता या नाम हटाने की मांग नहीं करता। ऐसी स्थिति में संबंधित मामले की दोबारा जांच की जाएगी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए 47.6 लाख नाम और विसंगतियों के कारण चिह्नित किए गए 33 लाख मामले अलग-अलग श्रेणियां हैं। इसलिए दोनों आंकड़ों को एक ही प्रक्रिया या समूह का हिस्सा मानना सही नहीं होगा।
फॉर्म-6 के कितने आवेदन आए?
CEO कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 22 अक्टूबर तक फॉर्म-6 के कुल 2,50,754 आवेदन मिले। इनमें से 31 अगस्त को ड्राफ्ट सूची जारी होने से पहले 2,12,400 आवेदन प्राप्त हुए थे। वहीं, 20 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच 1,58,470 आवेदन दर्ज किए गए।
मतदाताओं की सहायता के लिए दिल्ली में विशेष शिविर भी लगाए गए। CEO कार्यालय के अनुसार, 20 सितंबर से शुरू हुए इस अभियान के तहत लगभग 89 हजार शिविर आयोजित किए गए। चुनाव अधिकारियों ने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि यदि उनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल कराने का दावा पेश करें।
पश्चिमी दिल्ली में सबसे ज्यादा आवेदन
31 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच मिले फॉर्म-6 आवेदनों में पश्चिमी दिल्ली सबसे आगे रही। जिले में कुल 30,361 आवेदन दर्ज किए गए। इसके बाद उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 25,925 और पूर्वी दिल्ली में 24,200 आवेदन मिले।
पश्चिमी दिल्ली में तिलक नगर, जनकपुरी, राजौरी गार्डन और विकासपुरी जैसे इलाके शामिल हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम दिल्ली में किराड़ी, रोहिणी और मंगोलपुरी तथा पूर्वी दिल्ली में त्रिलोकपुरी, लक्ष्मी नगर और गांधी नगर जैसे क्षेत्र आते हैं। सबसे कम 4,341 आवेदन नई दिल्ली जिले से मिले।
4 दिसंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है। इसके बाद 4 दिसंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इस प्रक्रिया के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल करने या हटाने से जुड़े दावों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
योगेंद्र यादव ने हैदराबाद में मानव श्रृंखला का किया आह्वान
SIR को लेकर विरोध के बीच सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने शनिवार, 24 अक्टूबर को हैदराबाद के टैंक बंड पर मानव श्रृंखला बनाने का आह्वान किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से शाम 4 बजे राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने की अपील की।
योगेंद्र यादव ने अपने संदेश में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों तथा चुनावी लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने की बात कही। उन्होंने दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए करीब 47.6 लाख नामों और दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आए फॉर्म-6 आवेदनों की संख्या के बीच अंतर पर भी सवाल उठाया।
दिल्ली से जयपुर तक विरोध प्रदर्शन
शुक्रवार को दिल्ली और जयपुर समेत कई शहरों में SIR के विरोध में प्रदर्शन हुए। दिल्ली में वृंदा करात के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में 15 से अधिक संगठनों के शामिल होने की बात कही गई। जयपुर में CPI-M, SFI और AICCTU से जुड़े संगठनों ने राजभवन घेराव का आह्वान किया।
इससे पहले केरल के बाद पंजाब सरकार की ओर से भी SIR के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल दिल्ली में SIR की प्रक्रिया जारी है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कितने पात्र मतदाताओं के दावे स्वीकार किए जाते हैं और कितने मामलों का निपटारा हो पाता है।
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