Last updated: May 29th, 2026 at 04:19 pm

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली से कटरा तक बनने वाले हाई-स्पीड NE-5 एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) को हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से तेज रफ्तार सड़क नेटवर्क के जरिए जोड़ेगी।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इस नए कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद अब भूमि अधिग्रहण, रूट प्लानिंग और निर्माण कार्य की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के रानी खेड़ा इलाके से शुरू होकर हरियाणा और पंजाब के कई अहम शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर के कटरा तक पहुंचेगा। रास्ते में यह कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे NCR और उत्तर भारत के बीच यातायात और अधिक सुगम हो जाएगा।
हरियाणा में यह मार्ग खरखौदा, गोहाना, बुटाना और कलायत जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जबकि पंजाब में धुरी, मालेरकोटला, अहमदगढ़, नूरमहल और गुरदासपुर के आसपास के इलाकों को कनेक्ट करेगा। आखिर में यह कटरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग NH-144 से जुड़ जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बीच यात्रा का समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। लॉजिस्टिक्स, माल ढुलाई और औद्योगिक कनेक्टिविटी बेहतर होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे धार्मिक पर्यटन के लिए भी काफी अहम साबित होगा। कटरा स्थित माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को तेज और बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे नए होटल, लॉजिस्टिक्स पार्क, इंडस्ट्रियल हब और कमर्शियल गतिविधियों के विकसित होने की भी संभावना है।
सरकार की इस योजना को देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि परियोजना के निर्माण के दौरान हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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