Last updated: May 29th, 2026 at 04:23 pm

जम्मू : आगामी श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर यात्रा मार्ग और प्रमुख स्थलों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 670 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक यह अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनातियों में से एक मानी जा रही है।
इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों की तैनाती लखनपुर से लेकर अमरनाथ गुफा तक पूरे यात्रा मार्ग पर की जाएगी। बालटाल और पहलगाम दोनों प्रमुख रूटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, बेस कैंप, यात्री निवास और ट्रांजिट पॉइंट्स पर भी सुरक्षा कड़ी रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती जून के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी और 25 जून तक पूरी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। यात्रा शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा जांच और निगरानी अभियान तेज कर दिए जाएंगे।
भारतीय सेना भी इस दौरान रणनीतिक पहाड़ियों और यात्रा मार्ग के आसपास सुरक्षा संभालेगी, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाएगी। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यात्रा की सुरक्षा के साथ-साथ आतंकवाद विरोधी अभियान भी जारी रहेंगे।
रेलवे ट्रैक और वंदे भारत एक्सप्रेस पर भी इस बार खास फोकस किया गया है। उधमपुर, कटरा, बनिहाल और काजीगुंड जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों और ट्रैक पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। 15 अप्रैल से शुरू हुए रजिस्ट्रेशन अभियान के बाद अब तक 3.5 लाख से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके हैं। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन देशभर में चुनिंदा बैंक शाखाओं के जरिए जारी है।
प्रशासन का मानना है कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के चलते इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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