Last updated: August 5th, 2026 at 07:57 am
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे JPSC, JSSC और CGL परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो अपनी भूख हड़ताल के कारण चर्चा का केंद्र बन गए हैं।
देवेंद्र नाथ महतो ने छात्रों की मांगों के समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया था। उन्होंने कहा था कि जब तक प्रसिद्ध शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक उनसे मिलने नहीं आते, तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
सोनम वांगचुक से हुई बातचीत
आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक ने देवेंद्र महतो से फोन पर बातचीत की और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने महतो से पानी, शहद और नींबू का सेवन करने का आग्रह किया। इसके बाद देवेंद्र महतो ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुए पानी ग्रहण किया।
कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के युवा और छात्र आंदोलनों से जुड़े प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। वह JLKM के केंद्रीय उपाध्यक्ष हैं और लंबे समय से राज्य में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा स्थानीय युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच उनकी पहचान एक सक्रिय छात्र नेता और आंदोलनकारी के रूप में बनी हुई है। उन्होंने कई बार भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई है।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि JPSC, JSSC और CGL जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। छात्र परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल आंदोलन जारी है और छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
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