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E-25 पेट्रोल लागू होने की खबरों पर केंद्र सरकार का बड़ा स्पष्टीकरण, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

नई दिल्ली: देशभर में E-25 पेट्रोल (25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लागू किए जाने की खबरों के बीच केंद्र
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नई दिल्ली: देशभर में E-25 पेट्रोल (25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लागू किए जाने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल पूरे देश में E-25 पेट्रोल लागू करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार ने सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों को खारिज करते हुए लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।

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    हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और संदेश तेजी से वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि सरकार जल्द ही देशभर में E-25 पेट्रोल अनिवार्य करने जा रही है। इन खबरों के बाद वाहन मालिकों के बीच यह सवाल उठने लगे कि क्या उनके मौजूदा वाहन नए ईंधन के अनुकूल होंगे और इसका इंजन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। बढ़ती चर्चाओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    केंद्र सरकार का कहना है कि भारत में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की नीति पहले से लागू है। वर्तमान में E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को चरणबद्ध रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और देश के गन्ना किसानों एवं एथेनॉल उद्योग को प्रोत्साहन देना है। हालांकि E25 को लेकर फिलहाल कोई नई नीति लागू नहीं की गई है।

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भविष्य में ईंधन से संबंधित किसी भी नए निर्णय की घोषणा आधिकारिक अधिसूचना और विस्तृत दिशा-निर्देशों के माध्यम से ही की जाएगी। सरकार ने कहा कि लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों पर विश्वास नहीं करना चाहिए और किसी भी जानकारी की पुष्टि संबंधित मंत्रालय या सरकारी वेबसाइट से करनी चाहिए।

    ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग पर्यावरण के लिए लाभदायक माना जाता है क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है। हालांकि किसी भी नए ईंधन मानक को लागू करने से पहले वाहन निर्माताओं, तेल कंपनियों और उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त तैयारी और तकनीकी दिशा-निर्देश आवश्यक होते हैं। इसलिए ऐसी किसी भी नीति को लागू करने से पहले सरकार विस्तृत योजना और समयसीमा जारी करती है।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में एथेनॉल मिश्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत, किसानों की आय में वृद्धि और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है। लेकिन E20 से आगे के किसी भी चरण पर जाने से पहले व्यापक तकनीकी परीक्षण, उद्योग की तैयारी और सार्वजनिक परामर्श आवश्यक होगा।

    सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि E25 पेट्रोल को लेकर इस समय चल रही खबरें भ्रामक हैं और ऐसी किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें। संबंधित मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल सरकारी स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

    देश में E20 नीति के क्रियान्वयन पर काम जारी है, जबकि E25 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार ने किसी भी नई योजना या अनिवार्य लागू करने संबंधी दावों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। ऐसे में वाहन मालिकों और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की अफवाह से घबराने की आवश्यकता नहीं है और भविष्य में यदि कोई नई नीति लागू होती है तो उसकी जानकारी सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी।

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