Last updated: July 29th, 2026 at 12:44 pm

श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में रहने वाले लोगों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार PoJK को भारत का अभिन्न हिस्सा मानती है, तो वहां की परिस्थितियों और लोगों की समस्याओं पर भी स्पष्ट रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए।
श्रीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी इस विषय पर ध्यान देने का आग्रह किया है। उनके अनुसार, PoJK के नागरिकों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से भी अपील की कि वह PoJK में हो रही घटनाओं और वहां के लोगों के अधिकारों पर ध्यान दे। उनका कहना था कि जब तक वहां के लोगों की चिंताओं का समाधान नहीं होता, तब तक प्रभावी हस्तक्षेप जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर में कथित अवैध होटलों के निर्माण पर उपराज्यपाल की टिप्पणी का जवाब देते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पर्यटन बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों ने अपनी आजीविका के लिए होटल और होम-स्टे विकसित किए हैं। उन्होंने कहा कि यह लोगों के आत्मनिर्भर बनने का संकेत है और इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।
दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग मामलों में परिवारों को परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि सरकार को इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की आवाज़ सुनना और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करेगी।
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