Last updated: June 25th, 2026 at 04:44 am

बिहार सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 45 प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिनका असर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर नई नियमावली को मंजूरी देना शामिल रहा। सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक के शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 को स्वीकृति प्रदान की है। इससे शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने बिहार में ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के विकास के लिए हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) के साथ समझौता करने को भी मंजूरी दी। इस परियोजना के तहत राज्य को करीब एक लाख करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
वहीं, भोजपुर जिले के चर्चित बिलौटी एनकाउंटर मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन को भी स्वीकृति दी गई। पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित यह आयोग भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच करेगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शहरी विकास के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। प्रमंडलीय आयुक्त को बिहार शहरी योजना क्षेत्र प्राधिकार का पदेन अध्यक्ष और जिलाधिकारियों को पदेन उपाध्यक्ष बनाए जाने की मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
राज्य में सैटलाइट टाउनशिप विस्तार की योजना के तहत रोहतास जिले के डेहरी को 12वें सैटलाइट टाउनशिप शहर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा छपरा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और भागलपुर के आयोजना क्षेत्रों के विस्तार को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में सड़क और पुल सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में 60 से 250 मीटर लंबाई वाले 479 पुलों का स्वतंत्र थर्ड पार्टी ब्रिज सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 47.76 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पुलों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लोड टेस्टिंग का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें आईआईटी पटना और आईआईटी दिल्ली की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, शहरी विकास, आधारभूत संरचना और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी तथा राज्य के समग्र विकास को गति प्राप्त होगी।
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