Last updated: July 14th, 2026 at 01:02 pm
Subrahmanyam Jaishankar, India's Ambassador to the United States, waits to speak at the Carnegie Endowment on January 29, 2014 in Washington, DC. Jaishankar spoke about US-India relations and his new posting as ambassador to the United States. AFP PHOTO/Brendan SMIALOWSKI (Photo credit should read BRENDAN SMIALOWSKI/AFP via Getty Images)भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के 2028-29 कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य बनने की अपनी दावेदारी का औपचारिक अभियान शुरू कर दिया है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत की उम्मीदवारी पेश करते हुए वैश्विक शांति, नियम-आधारित व्यवस्था और समावेशी विकास के प्रति देश की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह के संघर्षों, हिंसा और अस्थिरता का सामना कर रही है। ऐसे दौर में संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोग, संवाद और संतुलित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहता है।
भारत ने पेश किया ‘SHANTI’ विजन
अपनी उम्मीदवारी के दौरान जयशंकर ने भारत का ‘SHANTI’ विजन भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य नियमों (Norms), भरोसे (Trust) और ईमानदारी (Integrity) के माध्यम से सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है। उनका कहना था कि वैश्विक शांति और समृद्धि तभी संभव है, जब सभी देश अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान करें और आपसी विश्वास को मजबूत करें।
ग्लोबल साउथ और शांति अभियानों पर रहेगा फोकस
जयशंकर ने कहा कि यदि भारत को सुरक्षा परिषद में प्रतिनिधित्व मिलता है, तो उसकी प्राथमिकताओं में वैश्विक शांति, ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ को मजबूत करना, संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों को सशक्त बनाना, तकनीक के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना और आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन व समुद्री सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटना शामिल होगा।
यूएन शांति मिशनों में भारत का अहम योगदान
विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत अब तक लगभग 50 शांति मिशनों में 3 लाख से अधिक सैनिक भेज चुका है। वर्तमान में भी भारत के हजारों सैनिक संयुक्त राष्ट्र के सक्रिय शांति अभियानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत 79 देशों में विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से भी वैश्विक सहयोग को मजबूत कर रहा है।
अगले वर्ष होगा चुनाव
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा करती है, जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है। 2028-29 के कार्यकाल के लिए एशिया-प्रशांत समूह की सीट पर भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से होगा। इस पद के लिए चुनाव अगले वर्ष जून में आयोजित होने की संभावना है।
भारत इससे पहले भी आठ बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है और लंबे समय से सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार तथा स्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग करता रहा है।
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