Last updated: July 14th, 2026 at 02:37 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लिए ₹50,000 से ₹60,000 करोड़ की सड़क एवं परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी मिलने पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क, औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा राज्य देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनेगा।
लखनऊ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने तथा प्रदेश के दूरदराज़ क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि बेहतर सड़क संपर्क से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी, पर्यटन को नई गति मिलेगी और प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
बैठक के दौरान यह भी लक्ष्य रखा गया कि उत्तर प्रदेश के 33 जिला मुख्यालयों को चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जाए। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय कम होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की मजबूत नींव होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तर प्रदेश को आधुनिक अवसंरचना वाला राज्य बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगी। इसके साथ ही छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी इन परियोजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और निर्माण कार्य से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य शुरू हो चुका है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन लागत कम होगी और लाखों लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही बेहतर सड़क नेटवर्क से पर्यटन, व्यापार और कृषि क्षेत्र को भी महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के सबसे विकसित राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है जो प्रदेश के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति दे सके।
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