Last updated: October 4th, 2026 at 11:35 am

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रचते हुए पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब पांचवीं बार जीत लिया है।
पहले क्वार्टर में बराबरी, फिर भारत का दबदबा
फाइनल के शुरुआती 15 मिनट में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहला क्वार्टर 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ। हालांकि इसके बाद भारतीय टीम ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली।
मलेशियाई खिलाड़ियों पर लगातार दबाव बनाते हुए भारत ने कुल 14 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। मलेशिया की ओर से सिर्फ शेलो सिल्वेरियस गोल कर सके, जबकि भारतीय डिफेंस ने बाकी समय उसे गोल करने का मौका नहीं दिया।
पहले हाफ के अंत तक भारत ने 2-1 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने तीन और गोल दागकर मुकाबले को एकतरफा कर दिया।
हरमनप्रीत, जुगराज और हार्दिक ने दागे गोल
भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल किए। जुगराज सिंह ने भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। शिलानंद लाकड़ा ने भारत के लिए एकमात्र फील्ड गोल किया, जबकि हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल दागा। इस तरह भारत ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।
लगातार दूसरी बार गोल्ड जीतने का रिकॉर्ड
इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल जीता है। एशियन गेम्स के इतिहास में भारत से पहले सिर्फ पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया ही पुरुष हॉकी में अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव कर पाए थे। भारत की इस जीत का एक और बड़ा फायदा यह हुआ कि टीम ने 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
पाकिस्तान को ब्रॉन्ज, भारत मेडल टेबल में चौथे स्थान पर
फाइनल में भारत से हारने वाली मलेशियाई टीम को सिल्वर मेडल मिला। वहीं पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी के सबसे सफल देशों में पाकिस्तान सबसे आगे है, जिसने अब तक 8 गोल्ड जीते हैं। भारत और दक्षिण कोरिया के नाम पांच-पांच गोल्ड हैं।
भारत के हॉकी गोल्ड के साथ उसके कुल पदकों की संख्या 85 हो गई है, जिसमें 21 गोल्ड शामिल हैं। इसी के साथ भारत ने उज्बेकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए मेडल टेबल में चौथा स्थान हासिल कर लिया। दोनों देशों के पास 21-21 गोल्ड हैं, लेकिन कुल पदक और सिल्वर मेडल के मामले में भारत आगे रहा।
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