Last updated: September 23rd, 2026 at 10:19 am

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया है। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने OIC कॉन्टैक्ट ग्रुप की मंत्रीस्तरीय बैठक में कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का पक्ष रखा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी डार के इस दौरे और OIC बैठक में कश्मीर पर पाकिस्तान की स्थिति रखने की पुष्टि की है।
Article 370 को लेकर पाकिस्तान ने लगाए आरोप
इशाक डार ने 5 अगस्त 2019 के बाद भारत की ओर से उठाए गए कदमों को लेकर आरोप लगाए। पाकिस्तान के मुताबिक, इन फैसलों का असर जम्मू-कश्मीर की पहचान, राजनीति और सांस्कृतिक ढांचे पर पड़ा है।
डार ने नए डोमिसाइल नियमों, निर्वाचन क्षेत्रों में बदलाव और गैर-कश्मीरियों को मतदाता सूची में शामिल किए जाने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। पाकिस्तान ने इन कदमों को क्षेत्र की स्थिति में बदलाव से जोड़ते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
अभिव्यक्ति की आजादी और हिरासत का भी मुद्दा उठाया
अपने संबोधन में डार ने कश्मीर में नेताओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का दावा किया। उन्होंने मीडिया की स्वतंत्रता, कश्मीर प्रेस क्लब और सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़े प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया।
पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और पत्रकारों के लिए वहां की स्थिति को स्वतंत्र रूप से देखने की पर्याप्त गुंजाइश नहीं है।
भारत-पाक तनाव और आतंकवाद पर भी बोला पाकिस्तान
डार ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि परमाणु क्षमता रखने वाले दोनों देशों के बीच विवादों का समाधान सैन्य ताकत से नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान ने आतंकवाद से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए अपने कदमों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा से जोड़ा। डार ने कहा कि विवादों का स्थायी समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।
सिंधु जल संधि का भी उठा मुद्दा
पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को भी अपने संबोधन में उठाया। डार ने इसे अंतरराष्ट्रीय समझौता बताते हुए कहा कि इसे किसी एक पक्ष की ओर से एकतरफा तरीके से निलंबित या खत्म नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान ने संधि के प्रावधानों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का पालन करने की बात कही।
OIC देशों से पाकिस्तान ने की ये मांगें
पाकिस्तान ने OIC सदस्य देशों से संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे पर एकजुट रुख अपनाने की अपील की। पाकिस्तान ने 5 अगस्त 2019 के बाद उठाए गए कदमों को वापस लेने, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और कथित जनसांख्यिकीय बदलावों को रोकने की मांग दोहराई। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 81वें महासभा सत्र की शुरुआत 8 सितंबर 2026 को हुई है, जबकि हाई-लेवल वीक 22 से 29 सितंबर तक चल रहा है।
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