Human Live Media

HomeNewsदुबई में नौकरी का झांसा देकर झारखंड की महिला को बंधक बनाने का आरोप, परिवार ने लगाई मदद की गुहार

दुबई में नौकरी का झांसा देकर झारखंड की महिला को बंधक बनाने का आरोप, परिवार ने लगाई मदद की गुहार

विदेश में नर्सिंग की नौकरी का सपना लेकर निकली झारखंड की 37 वर्षीय आदिवासी महिला के कथित तौर पर बंधक
image-2026-10-04T122356.488

विदेश में नर्सिंग की नौकरी का सपना लेकर निकली झारखंड की 37 वर्षीय आदिवासी महिला के कथित तौर पर बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। रांची के छोटा घाघरा इलाके की रहने वाली मोनिका कच्छप के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे अच्छी नौकरी का झांसा देकर शारजाह ले जाया गया और वहां पहुंचने के बाद उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में लेकर जबरन काम कराया गया।

Table of Contents

    मोनिका के पिता रतना कच्छप की शिकायत के आधार पर रांची के एयरपोर्ट थाने में 29 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की गई है। शिकायत में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन मजदूरी कराने और रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।

    ऑनलाइन एजेंसी के जरिए दुबई जाने की तैयारी

    परिवार के मुताबिक, मोनिका ने बुंडू से करीब साढ़े तीन साल का नर्सिंग कोर्स किया है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह नौकरी की तलाश में थी। इसी दौरान उसकी ऑनलाइन माध्यम से AMD Trend Solution LLC नाम की एजेंसी और उसकी कथित एजेंट प्रियंका से संपर्क हुआ।

    परिवार का आरोप है कि प्रियंका ने मोनिका को दुबई में नर्सिंग से जुड़ी अच्छी नौकरी, रहने और खाने की सुविधा देने का भरोसा दिया। इसके बाद 22 अप्रैल को मोनिका ने प्रियंका के बताए बैंक खाते में PhonePe के जरिए 5 हजार रुपये भेजे।

    एजेंसी की ओर से यात्रा और टिकट की व्यवस्था किए जाने के बाद मोनिका 5 मई को दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह के लिए रवाना हुई।

    शारजाह पहुंचते ही पासपोर्ट लेने का आरोप

    परिवार ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 6 मई को शारजाह पहुंचने के बाद एजेंसी की ओर से भेजे गए ड्राइवर ने मोनिका का मूल पासपोर्ट अपने पास रख लिया। अगले दिन उसे अजमान स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया गया।

    शिकायत के मुताबिक, वहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नाम के लोगों ने अरबी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर मोनिका के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए। परिवार का कहना है कि मोनिका अरबी भाषा नहीं जानती थी, इसलिए उसे दस्तावेजों की जानकारी नहीं थी।

    आरोप है कि उसका मोबाइल फोन भी ले लिया गया और प्रियंका के साथ हुई WhatsApp बातचीत को डिलीट कर दिया गया। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उसे कथित तौर पर बताया गया कि उस पर एजेंसी का 2600 दिरहम बकाया है और रकम नहीं चुकाने पर जेल भेजने की धमकी दी गई।

    घर में काम कराने का भी आरोप

    मोनिका के परिवार का आरोप है कि इसके बाद उसे मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया, जहां करीब एक महीने तक उसे कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे झाड़ू-पोछा, बर्तन साफ करने और बाथरूम की सफाई जैसे घरेलू काम कराए गए।

    परिवार के अनुसार, 22 जून को उसे बिना वैध वर्क परमिट के दूसरे घर में घरेलू देखभाल के काम के लिए भेजा गया। भाषा समझने में परेशानी होने के कारण वह वहां काम नहीं कर सकी और अगले ही दिन उसे वापस एजेंसी के कार्यालय ले आया गया।

    परिवार ने सरकार से सुरक्षित वापसी की मांग की

    मोनिका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही झारखंड सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार चाहता है कि विदेश में फंसी मोनिका की स्थिति का पता लगाया जाए और उसे जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाया जाए। फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई और मोनिका की सुरक्षित वापसी के लिए भारतीय अधिकारियों की भूमिका अहम होगी।

    Loading

    Comments are off for this post.