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JPSC परीक्षा घोटाले में SIT की बड़ी कार्रवाई, दो सगे भाई गिरफ्तार; 20 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितता और OMR शीट में हेरफेर के मामले में
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झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितता और OMR शीट में हेरफेर के मामले में CID की SIT ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने हजारीबाग से PT में सफल रहे दो सगे भाइयों दिलीप राणा और ओमप्रकाश राणा को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी CID केस संख्या 16/2026 में की गई है।

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    जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों पर परीक्षा में अनुचित तरीके से सफलता हासिल करने का आरोप है। CID को जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है, जिनके आधार पर दोनों भाइयों को एजेंट बुद्धेश्वर भगत के जरिए परीक्षा में कथित सेटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।

    OMR शीट में हेरफेर का आरोप

    जांच में सामने आया है कि बुद्धेश्वर भगत ने कथित तौर पर कई अभ्यर्थियों से संपर्क किया था। आरोप है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए पैसे लिए गए और OMR शीट में हेरफेर के जरिए 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में सफलता दिलाने की व्यवस्था की गई।

    CID की पूछताछ में बुद्धेश्वर भगत ने 11 अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इन अभ्यर्थियों से कथित तौर पर करीब 10-10 लाख रुपये लिए गए थे। इनमें दिलीप राणा और ओमप्रकाश राणा के अलावा कपिल कुमार महतो, संतोष कुमार, वंदना कुमारी, शिवम सिंह, पवन कुमार मुंडा, राकी सचिन लकड़ा, रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव के नाम सामने आए थे। रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

    JSSC CGL मामले में भी CID की जांच तेज

    JPSC मामले के साथ ही झारखंड CID JSSC CGL कथित पेपर लीक मामले की भी जांच कर रही है। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए एजेंट दिलीप कुमार पासवान को CID ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है। जांच एजेंसी उससे कथित पेपर लीक नेटवर्क, अभ्यर्थियों से पैसे की वसूली और प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

    CID ने शनिवार को JSSC CGL परीक्षा में सफल 20 अभ्यर्थियों के बयान भी दर्ज किए। जांच के मुताबिक, दिलीप पासवान ने कथित तौर पर परीक्षा से पहले आसनसोल के एक होटल में कुछ अभ्यर्थियों को ठहराया था, जहां उन्हें प्रश्न और उत्तर याद कराने का आरोप है। CID इससे पहले भी बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है।

    JPSC मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां

    JPSC भर्ती से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में CID का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। गिरफ्तार किए गए सफल अभ्यर्थियों में हजारीबाग के सुमन सौरभ, दीपक राणा और अब दिलीप राणा व ओमप्रकाश राणा के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, रक्षक सिंह, ऋतिक रौशन और पंकज प्रसून्न समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी का भी उल्लेख जांच से जुड़ी रिपोर्टों में किया गया है।

    वहीं, JPSC से जुड़े कथित मेधा घोटाले में पूर्व अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते भी जेल में हैं। उन्हें CID ने 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था। सितंबर में CID की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की है।

    जांच आगे बढ़ने के साथ CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। दो सगे भाइयों की गिरफ्तारी और सफल अभ्यर्थियों से लगातार पूछताछ के बाद इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना पर भी नजर बनी हुई है।

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