Last updated: June 9th, 2026 at 06:40 am

केरल के पलक्कड़ जिले में निर्माणाधीन एक जिम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद यह मामला केवल फिटनेस सेंटर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक पहलुओं पर भी बहस शुरू हो गई है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब नवास मुथु नामक एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर जिम को “इस्लाम-फ्रेंडली” बताया। वीडियो तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद विभिन्न संगठनों तथा सोशल मीडिया यूजर्स ने इस अवधारणा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। बढ़ती आलोचनाओं के बीच संबंधित पोस्ट को बाद में हटा लिया गया।
मामला तूल पकड़ने के बाद नवास मुथु ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का उद्देश्य किसी धार्मिक नियम को लागू करना नहीं था। उनका कहना था कि जिम में महिलाओं की सुविधा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए अलग समय और महिला प्रशिक्षकों की व्यवस्था का प्रस्ताव था, ताकि पारंपरिक परिवारों की महिलाएं भी सहज महसूस कर सकें।
हालांकि विवाद तब और बढ़ गया जब हटाई गई पोस्ट की कुछ जानकारियां सामने आईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पोस्ट में जिम संचालन से जुड़े ऐसे नियमों का उल्लेख था जिनमें संगीत न बजाने, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने तथा कुछ अन्य आचार संबंधी निर्देश शामिल थे। इन्हीं बिंदुओं को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस शुरू हो गई।
इस बीच जिम के मालिकाना हक को लेकर भी नया विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के मुताबिक, जिम का नाम ASB Fitness Centre है। इससे जुड़े एक साझेदार अहमद सेट्टू ने दावा किया कि नवास मुथु न तो जिम के मालिक हैं और न ही आधिकारिक भागीदार। उन्होंने कहा कि मुथु पहले यहां प्रशिक्षक या प्रशिक्षु के रूप में जुड़े रहे थे।
मामले ने जल्द ही राजनीतिक रंग भी ले लिया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिम की फंडिंग, संचालन और उद्देश्य को लेकर सवाल उठाए हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन को शिकायत भी सौंपी गई है, जिसमें पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।
दूसरी ओर पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार के कानूनी उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार विवाद सामने आने के समय जिम पूरी तरह संचालित भी नहीं हो रहा था और वहां निर्माण या मरम्मत का कार्य चल रहा था। फिलहाल इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस विवाद पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
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