Human Live Media

HomeNewsFIR दर्ज, आयोजकों पर कार्रवाई और धारा 163 लागू, हादसे के बाद अब तक क्या-क्या हुआ?

FIR दर्ज, आयोजकों पर कार्रवाई और धारा 163 लागू, हादसे के बाद अब तक क्या-क्या हुआ?

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने
kolkata-durga-puja-pandal (1)

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने पंडाल आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं, बोबाजार इलाके के कुछ हिस्सों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा भी लागू की गई है।

Table of Contents

     बोबाजार के कुछ हिस्सों में 18 से 20 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा

    पुलिस कमिश्नर अजय नंद के आदेश पर बोबाजार इलाके के कुछ हिस्सों में 18 से 20 अक्टूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।

    आदेश के तहत संबंधित इलाकों में पांच या उससे अधिक लोगों के गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, लाठी या खतरनाक हथियार लेकर चलने और शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश बोबाजार थाना क्षेत्र के निर्धारित हिस्सों में लागू है।

     दुर्गा पूजा पंडाल के आयोजकों के खिलाफ FIR

    चोरबागान भगदड़ मामले में पुलिस ने पंडाल आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) शामिल की गई हैं। पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

    जांच में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजामों और आयोजन के दौरान बरती गई सावधानियों की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, हिरासत में लिए जाने या FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति दोषी साबित हो गया है। मामले में जिम्मेदारी तय होना जांच और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

     भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 25 घायल होने की खबर

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम भगदड़ मच गई थी। इस घटना में अब तक 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

    हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पंडाल में भीड़ किस तरह बढ़ी, सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई या नहीं और घटना के लिए किन परिस्थितियों की भूमिका रही।

     भारी बारिश के बीच कैसे मची भगदड़?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर की शाम भारी बारिश के दौरान बड़ी संख्या में लोग बारिश से बचने के लिए पंडाल की ओर बढ़े। इस दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने लगा और कुछ लोग गिर पड़े, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।

    कुछ अधिकारियों ने निजी सुरक्षा एजेंसी की ओर से की गई घोषणाओं और सीटी बजाने को भी संभावित कारणों में शामिल किया है। हालांकि, भगदड़ की वास्तविक वजह और सुरक्षा इंतजामों में संभावित चूक की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल, घटना के बाद पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू करने, FIR दर्ज करने और लोगों से पूछताछ जैसी कार्रवाई की है। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।

    Loading

    Comments are off for this post.