Last updated: July 28th, 2026 at 10:40 am

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन में श्रीनगर स्थित गांधी मेमोरियल कॉलेज (GMC) के नवगठित गवर्निंग बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में संस्थान के शैक्षणिक, प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उद्देश्य कॉलेज के संचालन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाना रहा।
बैठक में वित्त, उच्च शिक्षा और कानून विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ गवर्निंग बोर्ड के सदस्य, शिक्षाविद, कश्मीर विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि और कॉलेज प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने संस्थान की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श किया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कॉलेज के प्रशासनिक ढांचे को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक नीतिगत व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर शासन व्यवस्था और प्रभावी प्रबंधन के जरिए संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
बैठक के दौरान गवर्निंग बोर्ड ने कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की। इनमें कार्य-संचालन नियम (Rules of Business) लागू करना, भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना, वर्ष 2002 से कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन लाभ उपलब्ध कराना, कॉलेज के बुनियादी ढांचे का विस्तार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू करना तथा मौजूदा पाठ्यक्रमों में आवश्यक संशोधन शामिल रहे।
इसके अलावा जम्मू के बंटालाब स्थित जी.एम. कॉलेज ऑफ एजुकेशन को अनुदान सहायता (Grant-in-Aid) देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। बैठक के अंत में संस्थान को आधुनिक, छात्र-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से सुधारों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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