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‘शारदा से संसद’ पुस्तक का विमोचन: LG मनोज सिन्हा बोले- विरासत और लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में आयोजित एक समारोह के दौरान प्रख्यात लेखक डॉ. ए.एच. शाह की पुस्तक
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में आयोजित एक समारोह के दौरान प्रख्यात लेखक डॉ. ए.एच. शाह की पुस्तक ‘शारदा से संसद’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के बीच मजबूत सेतु बताते हुए इसकी सराहना की।

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    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तक केवल ऐतिहासिक घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों को एक नई दृष्टि से समझने का अवसर भी प्रदान करती है। उन्होंने लेखक डॉ. ए.एच. शाह को इस महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं।

    साहित्य समाज और पीढ़ियों को जोड़ने का माध्यम

    मनोज सिन्हा ने कहा कि इतिहास, संस्कृति और सभ्यता पर लिखी गई पुस्तकें समाज की सामूहिक स्मृतियों को संजोने का कार्य करती हैं। उनका मानना है कि साहित्य केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने वाला एक मजबूत माध्यम भी है।

    उन्होंने कहा कि प्राचीन शारदा पीठ ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक रही है, जबकि भारतीय संसद लोकतांत्रिक आकांक्षाओं और जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। यह पुस्तक इन दोनों धरोहरों के बीच गहरे संबंध को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है।

    अनुच्छेद 370 के बाद विकास की नई दिशा

    अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर के विकास और यहां के लोगों की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

    उन्होंने विशेष रूप से पहाड़ी समुदाय सहित वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया और कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

    सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर दिया जोर

    LG सिन्हा ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अभी भी कई गांवों, बोलियों, लोकगीतों और परंपराओं का समुचित दस्तावेजीकरण नहीं हो पाया है। उन्होंने विद्वानों, शोधकर्ताओं और युवाओं से इन अमूल्य धरोहरों को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता, ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत में निहित है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

    इस अवसर पर J&K पहाड़ी वेलफेयर सोसाइटी के चेयरमैन जफर इकबाल मन्हास, लेखक डॉ. ए.एच. शाह, विधायक डॉ. सज्जाद शफी, डीआईजी राजीव पांडे, एसएसपी श्रीनगर डॉ. जी.वी. संदीप चक्रवर्ती सहित कई साहित्यकार, शिक्षाविद, सामाजिक प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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