Last updated: November 7th, 2026 at 06:15 am

बिहार की राजधानी पटना के मनेर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों की मौत के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर पुलिस को किसी व्यक्ति को खुद सजा देने का अधिकार किसने दिया? सांसद ने कहा कि अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, उसका फैसला करने का अधिकार अदालत के पास है, पुलिस के पास नहीं।
सुधाकर सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
सुधाकर सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मनेर में हुई मुठभेड़ को गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी किसी भी पुलिस कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं, जिसमें न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर किसी की जान ले ली जाए।
सांसद ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस ही न्यायाधीश की भूमिका निभाने लगेगी, तो आम लोगों के संवैधानिक अधिकारों और न्याय मिलने की गारंटी का क्या होगा?
उन्होंने बिलौटी के स्वर्गीय भरत तिवारी का मामला भी याद दिलाया। सुधाकर सिंह के मुताबिक, उस मामले में भी STF की कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति की जान चली गई थी। बाद में मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से पुलिस की गलती स्वीकार करनी पड़ी थी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर पुलिस की ऐसी गलतियों की कीमत आम नागरिक अपनी जान देकर कब तक चुकाते रहेंगे?
भाई वीरेंद्र ने भी एनकाउंटर पर जताई आपत्ति
मनेर मुठभेड़ को लेकर RJD नेता भाई वीरेंद्र ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर अपराधी की ओर से गोली चलाए जाने के बाद पुलिस जवाबी कार्रवाई करती है और संबंधित व्यक्ति वास्तव में अपराधी है, तो उस पर उन्हें कुछ नहीं कहना है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आपसी रंजिश के कारण किसी का नाम किसी मामले में आ जाने भर से वह अपराधी नहीं हो जाता। अपराध पर नियंत्रण करना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी व्यक्ति के अपराधी होने की पुष्टि जांच के बाद ही होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण के नाम पर सभी का एनकाउंटर करना सही नहीं है। हर व्यक्ति को न्याय मिलने का अधिकार है।
पैक्स अध्यक्ष की हत्या के आरोपियों की हुई मौत
दरअसल, शुक्रवार सुबह पटना के मनेर थाना क्षेत्र स्थित शेरपुर गंगा घाट के पास पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान गोली लगने से तीन आरोपियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों मनेर के पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भानु की हत्या के मामले में आरोपी थे।
मुठभेड़ के दौरान मनेर थाने के SHO रजनीश कुमार भी गोली लगने से घायल हो गए। उनके हाथ में गोली लगी है और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
फिलहाल, मनेर एनकाउंटर को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ पुलिस इसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर देख रही है, वहीं विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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