Last updated: October 31st, 2026 at 06:18 pm

भारतीय महिला पहलवान मनीषा भानवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित प्रतियोगिता के 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में मनीषा ने अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई हैं।
0-6 से पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी
मनीषा के लिए फाइनल मुकाबले की शुरुआत आसान नहीं रही। अमेरिकी पहलवान एबिगेल नेट ने लगातार अंक हासिल करते हुए 6-0 की बढ़त बना ली थी। एक समय भारतीय पहलवान की हार लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन मनीषा ने हिम्मत नहीं हारी।
उन्होंने अपनी रणनीति बदली और मुकाबले में जोरदार वापसी की। लगातार अंक जुटाते हुए उन्होंने स्कोर 8-6 कर दिया और आखिरकार गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया। मनीषा की यह वापसी फाइनल मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रही।
सुशील कुमार के बाद विश्व चैंपियन बनने वाली दूसरी भारतीय पहलवान
मनीषा से पहले भारत के लिए पुरुष वर्ग में सुशील कुमार ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का खिताब जीता था। उन्होंने 2010 में पुरुषों के 66 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया था। अब मनीषा विश्व चैंपियन बनने वाली दूसरी भारतीय पहलवान बन गई हैं। हालांकि, महिला वर्ग में यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह देश की पहली पहलवान हैं।
एक ही प्रतियोगिता में तीन भारतीय महिला पहलवान फाइनल में पहुंचीं
इस विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों का प्रदर्शन भी खास रहा। पहली बार एक ही आयोजन में भारत की तीन महिला पहलवान गोल्ड मेडल के मुकाबलों तक पहुंचीं।
नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम और काजल धोचक ने 76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, दोनों को अपने खिताबी मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं तनु शर्मा ने कांस्य पदक जीता।
सेमीफाइनल में भी दिखाया दम
फाइनल से पहले मनीषा ने सेमीफाइनल में कजाखस्तान की पहलवान अल्तिन शगायेवा को हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। इसके बाद फाइनल में 0-6 से पिछड़ने के बावजूद 8-6 से जीत दर्ज कर उन्होंने भारतीय कुश्ती के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
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