Last updated: July 26th, 2026 at 12:20 pm

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उत्तर प्रदेश सरकार पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान को निशाना बनाना शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन से सीख लेने की अपील की।
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि जौहर विश्वविद्यालय जैसी शैक्षणिक संस्था को नुकसान पहुंचाना नफरत और प्रतिशोध की राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं कर रहा है और सरकारों को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए।
उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों के साथ खड़े हों और शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए समर्थन दें।
दरअसल, रामपुर विकास प्राधिकरण ने 15 जुलाई को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था। प्राधिकरण का कहना है कि इन भवनों का निर्माण आवश्यक स्वीकृति के बिना किया गया था। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि निर्माण के समय यह क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था।
गौरतलब है कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2006 में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पहल पर की गई थी। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय भूमि विवाद और अन्य कानूनी मामलों को लेकर लगातार चर्चा में रहा है। राज्य सरकार पहले भी विश्वविद्यालय की कई संपत्तियों को अपने कब्जे में ले चुकी है।
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