Last updated: September 2nd, 2026 at 06:52 pm

पटना: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने केंद्र और बिहार सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार की बाढ़, बेरोजगारी, पलायन, आरक्षण, महिलाओं से जुड़े वादों और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
बाढ़ की समस्या पर सरकार को घेरा
मुकेश सहनी ने कहा कि मिथिला और कोसी क्षेत्र के लोगों को हर साल बाढ़ की गंभीर परेशानी झेलनी पड़ती है। उनके मुताबिक, नेपाल में भारी बारिश होने पर उसका असर बिहार के कई इलाकों में दिखाई देता है।
सहनी ने दावा किया कि करीब पांच दशक से बिहार को बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए योजनाएं बनाने की बात हो रही है, लेकिन कोसी से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने का मौका मिलने पर VIP बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।
आरक्षण को लेकर नवंबर तक आंदोलन की बात
उत्तर प्रदेश में पार्टी के कार्यक्रमों और दौरों को लेकर सहनी ने कहा कि VIP फिलहाल गांव-गांव और घर-घर जाकर संकल्प अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन नवंबर तक जारी रहेगा और आरक्षण के अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
सहनी ने कहा कि उनकी पार्टी पहले से इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है और चुनाव के समय गठबंधन को लेकर फैसला किया जाएगा। उन्होंने NDA में शामिल नेताओं से समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील भी की।
बेरोजगारी और पलायन पर सरकार से मांगा जवाब
आरक्षण की समीक्षा को लेकर चल रही बयानबाजी पर सहनी ने इसे समाज के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला विषय बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार से रोजगार, शिक्षा, पलायन और महिलाओं से किए गए वादों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। सहनी ने महिलाओं को दो लाख रुपये देने के वादे का भी मुद्दा उठाया।
चिराग पासवान की कथित धमकी पर क्या बोले?
चिराग पासवान को मिली कथित धमकी के सवाल पर मुकेश सहनी ने कहा कि सरकार को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और धमकी के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए जांच की मांग की।
GDP के आंकड़े पर भी उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत बताए जाने के दावे पर भी सहनी ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का वास्तविक फायदा आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।
सहनी ने महंगाई, रोजगार, डॉलर की कीमत और आम लोगों की आय जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार से आर्थिक स्थिति को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल GDP के आंकड़े बताने के बजाय सरकार को यह भी बताना चाहिए कि आर्थिक विकास का असर आम लोगों की जिंदगी पर कितना पड़ रहा है।
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