Last updated: September 2nd, 2026 at 06:29 pm

पटना: NEET-UG पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर रहे संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया से आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दोबारा पूछताछ की है। न्यायालय की अनुमति के बाद EOU ने उन्हें बेऊर स्थित आदर्श केंद्रीय कारा से पुलिस रिमांड पर लिया और विभिन्न बिंदुओं पर गहन पूछताछ की।
अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की जांच में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है।
2017 के केस में लिया गया रिमांड
EOU की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पत्रकारनगर थाना कांड संख्या 224/17 में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया उर्फ लुटन मुखिया को कोर्ट की अनुमति के बाद रिमांड पर लिया गया। यह मामला धोखाधड़ी, ठगी, फर्जी दस्तावेज और आईटी एक्ट सहित कई धाराओं से जुड़ा है।
इस केस में NEET परीक्षा में कथित धोखाधड़ी की तैयारी के आरोप में संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव कुमार समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है।
EOU ने जून 2025 में संभाली थी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 जून 2025 को पत्रकारनगर थाना कांड को आगे की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई को सौंपा गया था। EOU के अनुसार, अब तक इस मामले में 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
इसी मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए संजीव मुखिया से भी पूछताछ की गई है। जांच एजेंसी अब पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों का सत्यापन कर रही है।
कई प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में नाम
EOU के मुताबिक, संजीव मुखिया का नाम अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धोखाधड़ी और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों में भी सामने आया है। उन्हें आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 06/2024 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और उस मामले में भी उनसे पूछताछ की गई थी।
NEET-UG जांच में CBI भी कर चुकी है पूछताछ
NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच के दौरान भी संजीव मुखिया का नाम सामने आया था। CBI ने उनसे पूछताछ कर कथित नेटवर्क और उनकी भूमिका से जुड़े पहलुओं की जांच की थी।अब EOU की ताजा पूछताछ के बाद जांच एजेंसी को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी से जुड़े अन्य मामलों में नए सुराग मिलने की उम्मीद है।
अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच
EOU का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अवैध तरीके से प्रश्नपत्र लीक कराने वाले गिरोहों और इससे आर्थिक लाभ कमाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाली सूचनाओं के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका का भी सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
![]()
Comments are off for this post.