Last updated: August 1st, 2026 at 01:14 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। हालांकि फाइनल मुकाबले के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि चोट से वापसी के कारण वह पूरी तरह आत्मविश्वास में नहीं थे और प्रतियोगिता के दौरान मानसिक दबाव महसूस कर रहे थे।
नीरज चोपड़ा ने फाइनल में 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया, जिससे उन्हें सिल्वर मेडल मिला। वहीं श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे ने 89.75 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत के यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीतकर देश की झोली में एक और पदक डाला।
मुकाबले के बाद नीरज ने कहा कि चोट से उबरने के बाद मैदान पर वापसी करना आसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि पूरी तरह फिट नहीं होने पर खिलाड़ी के मन में चोट दोबारा लगने का डर बना रहता है, जिसका असर प्रदर्शन पर भी पड़ता है। इसी वजह से उन्होंने अपने रन-अप और गति को नियंत्रित रखने की कोशिश की।
नीरज ने यह भी कहा कि उनकी वापसी अब सही दिशा में आगे बढ़ रही है और पोडियम पर लौटकर उन्हें काफी खुशी महसूस हुई। उन्होंने माना कि ठंडे मौसम में प्रदर्शन करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहता है, लेकिन लगातार मेहनत का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है।
गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा ने 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2022 के संस्करण में चोट के कारण वह हिस्सा नहीं ले सके थे। इस बार उन्होंने वापसी करते हुए रजत पदक जीतकर एक बार फिर अपनी क्षमता साबित की।
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