Last updated: June 19th, 2026 at 08:28 am

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए राज्य को 286 करोड़ रुपये से अधिक की 157 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 114 परियोजनाओं का उद्घाटन और 43 नई योजनाओं की आधारशिला रखी गई।
राजधानी पटना में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की नौ परियोजनाओं में छह का उद्घाटन और तीन का शिलान्यास हुआ। इन परियोजनाओं पर करीब 93.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
मीठापुर इलाके में 10.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक कॉमन सर्विस सेंटर का उद्घाटन भी किया गया। चार मंजिला इस भवन में बैंकिंग, पार्लर समेत कई सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। यहां ओपन एयर कैफे और ओपन एयर थिएटर जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की गई हैं। भविष्य में मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से इसकी उपयोगिता और बढ़ने की उम्मीद है।
गंगा तट के दीघा से सभ्यता द्वार तक विकसित रिवर फ्रंट परियोजना के तहत 32 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार क्षेत्र को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। इसके साथ ही मुंबई की चौपाटी की तर्ज पर विकसित जिग-जैग पार्क का भी उद्घाटन किया गया, जहां हरियाली, वॉकिंग स्पेस और बैठने की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
गिग वर्कर्स को ध्यान में रखते हुए गांधी मैदान और इनकम टैक्स गोलंबर के पास दो वातानुकूलित लाउंज की शुरुआत की गई है। इन लाउंज में मोबाइल चार्जिंग, शुद्ध पेयजल और आराम की सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी। यहां जीविका समूह की महिलाओं के माध्यम से पारंपरिक पेय पदार्थ भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा शहर में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बिहार की पहली स्वचालित मल्टीलेवल टू-व्हीलर पार्किंग प्रणाली की आधारशिला रखी गई। मौर्यालोक, बोरिंग रोड और कदमकुआं क्षेत्र में इस परियोजना के पूरा होने के बाद पार्किंग की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
शहर के विभिन्न इलाकों में आधुनिक सुविधाओं से लैस नई दुकानों के निर्माण, वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले बोर्ड लगाने और ग्रीन एरिया व वॉकिंग पाथवे विकसित करने की योजनाओं की भी शुरुआत की गई। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से पटना के शहरी ढांचे को और अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाया जाएगा।
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