Last updated: September 4th, 2026 at 09:04 am

पटना: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने मौजूदा एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के बजाय डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है। उनके इस रुख ने जेडीयू के भीतर संभावित सियासी खींचतान को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
अनंत सिंह ने क्या कहा?
गुरुवार को अनंत सिंह बाढ़ के बेड़ना गांव पहुंचे, जहां जहरीली शराब से चार लोगों की मौत के बाद वह पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इस दौरान उनके साथ डॉ. अनुज सिंह और बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह भी मौजूद थे।
मीडिया ने जब आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर सवाल किया तो अनंत सिंह ने डॉ. अनुज सिंह के समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक 26 विधानसभा क्षेत्रों में अनुज सिंह के साथ खड़े रहेंगे।
नीरज कुमार को समर्थन देने के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि जो उनका साथ नहीं देगा, वह उसका साथ क्यों देंगे। उनके इस बयान को लेकर बिहार की राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्या जेडीयू के भीतर बढ़ेगी चुनौती?
नीरज कुमार पटना स्नातक सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में उनकी नजर चौथी जीत पर होगी। लेकिन इस बार उनके सामने चुनौती केवल विपक्षी उम्मीदवारों से नहीं, बल्कि पार्टी से जुड़े प्रभावशाली नेता के अलग रुख से भी जुड़ती नजर आ रही है।
हालांकि, इसे फिलहाल जेडीयू में खुली बगावत कहना जल्दबाजी होगी। पार्टी ने अभी 2026 के पटना स्नातक चुनाव के लिए आधिकारिक उम्मीदवार की अंतिम घोषणा नहीं की है। चुनाव कार्यक्रम भी अभी सामने नहीं आया है।
अनुज सिंह के लिए कितना अहम है अनंत सिंह का समर्थन?
अनंत सिंह के समर्थन के बाद डॉ. अनुज सिंह ने भी भरोसा जताया है। उनके लिए यह समर्थन चुनावी अभियान में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि, विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव विधानसभा चुनाव से अलग होता है।
इस चुनाव में पात्र स्नातक मतदाताओं तक पहुंच, व्यक्तिगत संपर्क, संगठनात्मक तैयारी और मतदाता सूची में मजबूत पकड़ जैसे पहलू अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अनंत सिंह के राजनीतिक प्रभाव को कितने वोटों में बदला जा सकेगा, यह चुनाव के दौरान ही स्पष्ट होगा।
नवंबर में खत्म होगा आठ MLC का कार्यकाल
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 2026 में नियमित चुनाव होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक सीटों के साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी इसमें शामिल हैं।
इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होना है। फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।
जन सुराज की मौजूदगी से मुकाबला हो सकता है बहुकोणीय
इन चुनावों में जन सुराज भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहा है। यदि पार्टी मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतारती है तो पटना स्नातक सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन अनंत सिंह के डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने से चुनाव से पहले ही राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है। अब नजर इस बात पर होगी कि आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा के बाद मुकाबला किस रूप में सामने आता है और नीरज कुमार अपनी लगातार तीन जीत के रिकॉर्ड को आगे बढ़ा पाते हैं या नहीं।
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