Last updated: October 7th, 2026 at 11:22 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर बुधवार को पटना के मिलर हाईस्कूल मैदान में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का संबोधन बड़ी स्क्रीन के जरिए कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सुना। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की घोषणा पहले ही की गई थी और इसमें पीएम मोदी तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के वर्चुअल संबोधन की जानकारी दी गई थी।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 का जिक्र किया, जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल का सफर जनता के लगातार विश्वास और आशीर्वाद से संभव हुआ है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी बुधवार को उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को सेवा, उद्देश्य, संकल्प और साहस जैसे मूल्यों से जोड़ते हुए जानकारी साझा की।
पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक सफर के दौरान आए अलग-अलग अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि जीत ने उन्हें विनम्र रहना सिखाया, जबकि हार और मुश्किलों ने दोबारा खड़े होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने आलोचकों और शुभचिंतकों से मिले अनुभवों को भी अपनी यात्रा का हिस्सा बताया।
‘जनता-जनार्दन मेरे लिए ईश्वर का रूप’
प्रधानमंत्री ने जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि देशवासियों का विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा है। उन्होंने जनता-जनार्दन को ईश्वर का रूप बताते हुए कहा कि देश ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, इसलिए देश के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है।
उन्होंने यह भी कहा कि 25 वर्षों में मिले अनुभव उनकी निजी उपलब्धि भर नहीं हैं, बल्कि देश की सेवा में काम आने वाली सीख हैं। प्रधानमंत्री ने खुद को आज भी विद्यार्थी बताते हुए सीखते रहने की बात कही।
विकसित भारत के संकल्प पर जोर
पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर ‘सबका प्रयास’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुराने अनुभवों से सीख लेकर नए संकल्पों के साथ देश को आगे ले जाना है।
पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। कार्यक्रम को लेकर पार्टी की ओर से पहले ही बताया गया था कि संबोधन के बाद विकसित, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा की ओर से बुधवार को कई कार्यक्रम और संदेश भी सामने आए। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी एक दिन पहले उनके सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे करने पर प्रस्ताव पारित कर बधाई दी थी।
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