Last updated: September 8th, 2026 at 12:42 pm

NEW DELHI: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर तैयारियां तेज हैं। दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। बैठक से पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बातचीत के संभावित प्रमुख मुद्दों की जानकारी दी है।
परमाणु संयंत्र और Su-57 पर चर्चा
दिमित्री पेस्कोव के मुताबिक, पीएम मोदी और पुतिन की बैठक में भारत में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा रूस के Su-57 लड़ाकू विमान को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत संभावित है।
बैठक में भारत-रूस रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
रूसी तेल और अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा भी अहम
रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की ओर से प्रस्तावित 100 प्रतिशत शुल्क के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हो सकती है। पेस्कोव ने इस प्रस्तावित कदम को रूस की नजर में अवैध और अस्वीकार्य बताया है।
भारत लंबे समय से अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदता रहा है। ऐसे में अमेरिकी प्रस्तावित शुल्क का मुद्दा दोनों देशों की बातचीत में महत्वपूर्ण हो सकता है।
यूक्रेन युद्ध पर भी हो सकती है बातचीत
क्रेमलिन प्रवक्ता ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में भारत के योगदान का स्वागत किया। हाल ही में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात हुई थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने युद्ध समाप्त करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही थी।
रूसी सेना में भारतीय नागरिकों का मुद्दा
रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की कथित भर्ती को लेकर पूछे गए सवाल पर पेस्कोव ने कहा कि रूस में युद्ध क्षेत्र में मौजूद भारतीयों की संख्या का पता लगाने के लिए सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे भारतीय नागरिकों को वापस भारत भेजने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
भारत-रूस संबंधों को लेकर रूस ने जताया भरोसा
पेस्कोव ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के रिश्तों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों नेता वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर लगातार संपर्क में रहते हैं। उन्होंने भारत को रूस का रणनीतिक साझेदार बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग भी लगातार आगे बढ़ रहा है।
क्रेमलिन प्रवक्ता के अनुसार, ब्रिक्स देशों के बीच करीब 90 प्रतिशत लेनदेन राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है। रूस ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की भी सराहना की और आगामी शिखर सम्मेलन से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई।
दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक BRICS Summit
भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। दिल्ली के भारत मंडपम में 11 से 13 सितंबर 2026 तक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाना है। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
ऐसे में मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय बैठक को भारत-रूस संबंधों, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, तेल कारोबार और वैश्विक मुद्दों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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