Last updated: October 8th, 2026 at 11:08 am

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में करीब 4 किलोग्राम हेरोइन बरामदगी के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को 15-15 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। पुंछ के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज सुशील सिंह की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
यह मामला मेंढर थाने में दर्ज FIR नंबर 56/2022 से जुड़ा है। आरोपियों को NDPS एक्ट की धारा 8/21(c) के तहत दोषी ठहराया गया।
बालाकोट सेक्टर से हुई थी गिरफ्तारी
दोषियों की पहचान राजौरी के मंजाकोट क्षेत्र के गुलाठी निवासी शेरबाज अहमद, पुंछ के मेंढर क्षेत्र के धरती निवासी अंजार अहमद और कलार मोहरा निवासी रफीक आजम के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान तीनों को बालाकोट सेक्टर से गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से करीब 4 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी, जिसे NDPS कानून के तहत व्यावसायिक मात्रा माना जाता है।
तत्कालीन SSP की निगरानी में हुई जांच
मामले की जांच तत्कालीन पुंछ SSP रोहित बस्तोत्रा की निगरानी में हुई थी। तत्कालीन मेंढर SDPO DySP शीजान भट ने जांच का नेतृत्व किया। पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और बरामद नशीले पदार्थ से जुड़े साक्ष्यों को जुटाकर अदालत में आरोप साबित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
अदालत ने 6 अक्टूबर 2026 को तीनों आरोपियों को NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया था।
कोर्ट ने सुनाई 15 साल की कठोर सजा
7 अक्टूबर को सजा की अवधि तय करने के लिए हुई सुनवाई में जम्मू-कश्मीर की ओर से पेश पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पंकज सेठी ने कड़ी सजा की मांग की। अभियोजन पक्ष ने बड़ी मात्रा में हेरोइन की बरामदगी को गंभीर अपराध बताते हुए इसके सामाजिक प्रभाव का हवाला दिया।
मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अदालत ने तीनों दोषियों को 15-15 साल की कठोर कैद और प्रत्येक पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
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