Last updated: August 14th, 2026 at 05:08 pm

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अब 17 अगस्त 2026 को बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सोमवार सुबह 10:30 बजे विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाएगा। प्रशांत किशोर के कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा की गई है।
कार्यालय की पोस्ट में कहा गया है कि शपथ ग्रहण के साथ बांकीपुर में बदलाव के एक नए दौर की शुरुआत होगी। इस चुनावी जीत के साथ प्रशांत किशोर ने अपने राजनीतिक सफर का पहला चुनाव जीतकर बिहार की राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत की है।
भाजपा के गढ़ में दर्ज की बड़ी जीत
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा के लंबे समय से मजबूत माने जाने वाले गढ़ में जीत हासिल की। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के खाते में 44,827 वोट आए। राजद उम्मीदवार रेखा कुमारी को 14,273 वोट मिले।
प्रशांत किशोर ने भाजपा प्रत्याशी को 19,324 मतों के अंतर से हराया। इस जीत को बांकीपुर की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
30 जुलाई को हुआ था मतदान
बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई 2026 को मतदान कराया गया था और 3 अगस्त को परिणाम घोषित किए गए। यह सीट भाजपा के नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया।
पटना का बांकीपुर क्षेत्र लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर की जीत ने चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
मतदान प्रतिशत में आई गिरावट
इस उपचुनाव में मतदान प्रतिशत पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में कम रहा। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में बांकीपुर में 41.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि 2026 के उपचुनाव में मतदान प्रतिशत 34.3 प्रतिशत रहा।
कम मतदान के बावजूद प्रशांत किशोर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 19 हजार से अधिक मतों की बढ़त बनाकर जीत हासिल की।
अब विधानसभा में होगी राजनीतिक पारी
चुनावी जीत के बाद अब 17 अगस्त को शपथ ग्रहण के साथ प्रशांत किशोर की विधायी भूमिका औपचारिक रूप से शुरू होगी। विधानसभा सदस्य के रूप में उनका प्रदर्शन और बांकीपुर से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने की उनकी रणनीति पर अब राजनीतिक नजरें रहेंगी।
प्रशांत किशोर के लिए यह शपथ ग्रहण उनके राजनीतिक सफर में एक नया चरण होगा, जबकि बांकीपुर की जनता के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव के दौरान किए गए बदलाव के वादों को वे विधानसभा के भीतर किस तरह आगे बढ़ाते हैं।
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