Human Live Media

HomeStateBiharबिहार से शुरू होगी चुनावी जागरूकता की नई पहल, CEC ज्ञानेश कुमार करेंगे ELC 2.0 लॉन्च

बिहार से शुरू होगी चुनावी जागरूकता की नई पहल, CEC ज्ञानेश कुमार करेंगे ELC 2.0 लॉन्च

भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार 16 और 17 अगस्त को बिहार के दो दिवसीय दौरे पर
images – 2026-08-14T223038.442

भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार 16 और 17 अगस्त को बिहार के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। उनके साथ निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय दल भी बिहार पहुंचेगा। इस दौरे के दौरान चुनावी साक्षरता और डिजिटल भागीदारी से जुड़ी नई पहल ELC 2.0 की शुरुआत की जाएगी।

Table of Contents

    दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और युवाओं से संवाद करेंगे। उनका यह दौरा खास तौर पर बिहार में निर्वाचन जागरूकता को डिजिटल और अधिक सहभागी बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    500 BLOs से संवाद करेंगे मुख्य निर्वाचन आयुक्त

    17 अगस्त को नालंदा विश्वविद्यालय के सुषमा स्वराज सभागार में ज्ञानेश कुमार करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) से बातचीत करेंगे। इस दौरान जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया के संचालन में आने वाली चुनौतियों और उन्हें बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा होगी।

    निर्वाचन आयोग के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त पिछले एक वर्ष से अलग-अलग राज्यों में BLOs के साथ संवाद कर रहे हैं। नालंदा में होने वाला कार्यक्रम इसी संवाद श्रृंखला का हिस्सा है।

    पटना में ELC 2.0 और ECINET सम्मेलन

    दौरे का प्रमुख कार्यक्रम पटना के ज्ञान भवन में आयोजित होने वाला Electoral Literacy Club (ELC) 2.0 और ECINET सम्मेलन होगा। इसमें बिहार के 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी, शिक्षक, कुलपति, प्राचार्य और संस्थान प्रमुख हिस्सा लेंगे। इसके अलावा बिहार सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

    बिहार से नए स्वरूप में शुरू होगी ELC की पहल

    निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2018 में SVEEP कार्यक्रम के तहत Electoral Literacy Clubs की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को मतदान, लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देना था। अब डिजिटल दौर को ध्यान में रखते हुए ELC 2.0 को अधिक आधुनिक और सक्रिय स्वरूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

    इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निर्वाचन साक्षरता क्लबों को पूरे साल सक्रिय रखने, डिजिटल माध्यमों से जोड़ने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने पर जोर रहेगा। कार्यक्रम के दौरान ELC 2.0 का लोगो और नया कार्य ढांचा भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया और ECINET प्लेटफॉर्म से संबंधित जानकारी साझा की जाएगी।

    विद्यार्थियों को मिलेगा चुनावी प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव

    सम्मेलन में मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रिया से जुड़े व्यावहारिक प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके अलावा BLO से संबंधित वीडियो, ECINET के डिजिटल सिस्टम और नए ELC पोर्टल की जानकारी भी दी जाएगी।

    शैक्षणिक संस्थानों को ELC से जोड़ने के लिए ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया भी कार्यक्रम का हिस्सा होगी। निर्वाचन आयोग की विभिन्न पहलों और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

    युवाओं को बनाया जाएगा निर्वाचन जागरूकता का माध्यम

    निर्वाचन आयोग का लक्ष्य देश के बड़े शैक्षणिक नेटवर्क के जरिए युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की सही और व्यावहारिक जानकारी देना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपने परिवार और समुदाय में निर्वाचन जागरूकता फैलाने वाले प्रतिनिधि के रूप में तैयार करने की योजना है।

    इसके लिए ELC Registration and Onboarding Portal भी विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से शैक्षणिक संस्थान इस पहल से जुड़ सकेंगे।

    सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली भी जाएंगे ज्ञानेश कुमार

    बिहार प्रवास के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली का भी दौरा करेंगे। इन जिलों में वे निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। साथ ही बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रमुख स्थलों का भी अवलोकन करेंगे।

    निर्वाचन आयोग के मुताबिक, ELC 2.0 और ECINET के माध्यम से चुनावी साक्षरता को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की यह पहल युवाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    Loading

    Comments are off for this post.