Human Live Media

HomeNewsपंजाब में 13.6 लाख नाम हटने से AAP, कांग्रेस और BJP के चुनावी समीकरण पर नजर

पंजाब में 13.6 लाख नाम हटने से AAP, कांग्रेस और BJP के चुनावी समीकरण पर नजर

पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। राज्य की मुख्य
WhatsApp Image 2026-10-13 at 1.34.02 PM

पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। इस प्रक्रिया में करीब 7.97 लाख नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया, जबकि लगभग 13.6 लाख नाम हटाए गए।

Table of Contents

    दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अंतिम सूची में मतदाताओं की कुल संख्या करीब 2 करोड़ है। मतदाता सूची में हुए इस बदलाव पर आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नजर रहेगी। हालांकि, केवल नाम जुड़ने या हटने के आंकड़ों से यह तय नहीं किया जा सकता कि किस पार्टी को चुनावी फायदा या नुकसान होगा।

    लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में बड़ी संख्या में नाम चिह्नित

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंजाब के प्रमुख जिलों में मतदाता सूची की समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में नाम चिह्नित किए गए। इनमें लुधियाना में 4,16,088, अमृतसर में 2,42,751, जालंधर में 1,84,997, मोहाली में 1,53,714 और पटियाला में 1,38,624 नाम शामिल बताए गए हैं।

    इन आंकड़ों का चुनावी महत्व समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि कितने नाम वास्तव में अंतिम सूची से हटाए गए, कितने मतदाता पात्र होने के बावजूद सूची से बाहर रह गए और कितने मामलों में केवल विवरणों की जांच हुई। इन पहलुओं के बिना किसी राजनीतिक दल पर असर का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

    2022 के विधानसभा चुनाव में AAP का प्रदर्शन

    2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने लुधियाना जिले की नौ विधानसभा सीटों में से आठ पर जीत दर्ज की थी। वहीं, पटियाला जिले की आठों विधानसभा सीटें AAP के खाते में गई थीं।

    इन नतीजों के कारण मतदाता सूची में बदलाव पर राजनीतिक दलों की दिलचस्पी स्वाभाविक है। लेकिन पिछले चुनावों में किसी पार्टी की जीत और वर्तमान मतदाता सूची में बदलाव के बीच सीधा संबंध मानने के लिए अतिरिक्त आंकड़ों की जरूरत होगी।

    2024 के लोकसभा चुनाव में अलग-अलग रहा पार्टियों का प्रदर्शन

    2024 के लोकसभा चुनाव में लुधियाना सीट पर कांग्रेस को 3,22,224 वोट मिले थे, जबकि BJP को 3,01,282 और AAP को 2,37,077 वोट मिले। अमृतसर में कांग्रेस को 2,55,181, AAP को 2,14,880 और BJP को 2,07,205 वोट मिले थे। जालंधर में कांग्रेस को 3,90,053 वोट मिले, जबकि BJP को 2,14,060 और AAP को 2,08,889 वोट मिले।

    ये आंकड़े बताते हैं कि अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टियों का समर्थन अलग रहा है। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणामों से सीधे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मतदाता सूची में बदलाव का आगामी विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ेगा।

    प्रवासी मतदाताओं के नामों पर भी रहेगी नजर

    लुधियाना जैसे औद्योगिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों की बड़ी आबादी रहती है। ऐसे में मतदाता सूची के सत्यापन और पात्र मतदाताओं के नाम दर्ज होने की स्थिति पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। प्रवासी मतदाताओं को किसी एक राजनीतिक दल का समर्थक मानना सही नहीं होगा।

    निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की गई। अंतिम सूची में पंजाब के 117 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2,01,00,727 मतदाता दर्ज हैं। यह पुनरीक्षण शुरू होने से पहले के 2,14,61,043 मतदाताओं की तुलना में लगभग 13.60 लाख कम है। वहीं, अगस्त में जारी मसौदा सूची के मुकाबले अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है।

    आगे क्या होगा? मतदाता सूची में बदलाव का AAP, कांग्रेस और BJP पर वास्तविक असर समझने के लिए जिलेवार अंतिम आंकड़ों, नाम हटाए जाने के कारणों और पात्र मतदाताओं की स्थिति का विश्लेषण जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध आंकड़े राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की वजह जरूर देते हैं, लेकिन किसी पार्टी को होने वाले फायदे या नुकसान का निश्चित निष्कर्ष नहीं देते।

    Loading

    Comments are off for this post.