Last updated: June 30th, 2026 at 05:47 am
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने की प्रक्रिया के दौरान एक नया प्रशासनिक विवाद सामने आया है। भवन निर्माण विभाग द्वारा आवास का निरीक्षण किए जाने के दौरान कथित तौर पर आवंटन के समय उपलब्ध कराए गए फर्नीचर और अन्य सरकारी सामान की आधिकारिक सूची नहीं मिल सकी, जिससे सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
जानकारी के अनुसार, विभाग ने हाल ही में आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था। इसके बाद अधिकारियों की टीम निरीक्षण के लिए पहुंची, लेकिन रिकॉर्ड में सामान की सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण उपलब्ध वस्तुओं का मिलान नहीं किया जा सका।
राबड़ी देवी की ओर से उनके प्रतिनिधियों ने विभाग को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पहले आवंटन के समय दिए गए सरकारी सामान की आधिकारिक सूची उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि बिना अधिकृत रिकॉर्ड के सामान का सत्यापन करना उचित नहीं होगा और इससे भविष्य में विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।
इस घटनाक्रम ने सरकारी रिकॉर्ड के रखरखाव और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि विभाग के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने में व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार, राबड़ी देवी ने आवास खाली करने के लिए अतिरिक्त समय देने का भी अनुरोध किया है। वहीं, भवन निर्माण विभाग की ओर से इस मामले में आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जाना बाकी है। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है और सभी पक्षों की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
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