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राबड़ी आवास विवाद पर बढ़ी सियासी तल्खी, तेज प्रताप ने सीएम सम्राट चौधरी को दी नसीहत

बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद लगातार राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा
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बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद लगातार राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिसके चलते राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

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    राजद नेता तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन संवाद की भाषा हमेशा मर्यादित और सम्मानजनक होनी चाहिए।

    तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर भी साझा की, जिसमें सम्राट चौधरी राबड़ी देवी के प्रति सम्मान व्यक्त करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति के बावजूद वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की और दावा किया कि आने वाले महीनों में राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि यह उनका व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन बताया जा रहा है।

    दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अपने रुख को दोहराते हुए कहा है कि सरकारी आवासों का आवंटन नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी संपत्ति पर स्थायी दावा नहीं किया जा सकता और सभी को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अराजकता या दबाव की राजनीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    दरअसल, यह पूरा विवाद राबड़ी देवी को आवंटित सरकारी आवास को लेकर शुरू हुआ है। इस मुद्दे पर राजद जहां सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि सभी निर्णय प्रशासनिक नियमों के तहत लिए जा रहे हैं। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस के साथ-साथ कानूनी चर्चा का भी विषय बना हुआ है।

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