Last updated: September 23rd, 2026 at 10:48 am
राजस्थान में निकाय चुनाव के बीच रविवार रात हाईकोर्ट में असाधारण सुनवाई हुई। चुनाव से जुड़े मामलों में तत्काल राहत की जरूरत को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में छुट्टी के दिन विशेष पीठों का गठन किया गया।
रविवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई सुनवाई आधी रात के बाद करीब 2 बजे तक चली। अदालत ने हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों और बीकानेर के कांग्रेस पार्षद मकसूद अहमद को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी।
बीकानेर के पार्षद मकसूद अहमद को मिली राहत
मामला बीकानेर नगर निगम के वार्ड नंबर 18 से निर्वाचित पार्षद और पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद से जुड़ा था। उनके खिलाफ करीब दो महीने पुराने मामले में पुलिस की ओर से नोटिस जारी किया गया था। चुनाव में मतदान से पहले गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
रविवार देर रात याचिका दाखिल होने के बाद मामले की तात्कालिकता को देखते हुए विशेष सुनवाई की व्यवस्था की गई। जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। उन्हें आगामी महापौर चुनाव में मतदान करने की अनुमति भी मिली।
हनुमानगढ़ के 9 पार्षदों को भी अंतरिम सुरक्षा
हाईकोर्ट ने हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों से जुड़े मामले में भी गिरफ्तारी पर रोक लगाई। अदालत में याचिकाकर्ताओं की ओर से यह आशंका जताई गई थी कि चुनाव से पहले पुलिस कार्रवाई के कारण वे मतदान में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
हाईकोर्ट की यह विशेष सुनवाई उस समय हुई, जब राज्य के 273 शहरी निकायों में अध्यक्ष और महापौर पदों के चुनाव होने थे। अदालत की कार्रवाई को चुनाव से ठीक पहले पार्षदों को मिली अंतरिम कानूनी राहत के तौर पर देखा गया।
नागौर और श्रीगंगानगर के मामलों में भी सुनवाई
रविवार को ही हाईकोर्ट ने नागौर के कुचेरा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष एवं पार्षद तेजपाल मिर्धा और श्रीविजयनगर नगरपालिका के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुशील मिर्धा उर्फ बिट्टू मिर्धा से जुड़े मामलों में भी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी थी। तेजपाल मिर्धा के मामले में अदालत के आदेश में दर्ज है कि उनके खिलाफ पुरानी शिकायत से संबंधित एफआईआर चुनाव से ठीक पहले दर्ज हुई थी और उन्होंने आशंका जताई थी कि गिरफ्तारी से वह अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान से वंचित हो सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बीकानेर से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई थी। नगर निकाय चुनावों से ठीक पहले हुई इन कार्रवाइयों के कारण राजस्थान में चुनावी माहौल और अधिक चर्चा में आ गया।
कांग्रेस ने लगाए पुलिस के दुरुपयोग के आरोप
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस घटनाक्रम को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया और इसी वजह से कांग्रेस उम्मीदवारों को गिरफ्तारी की आशंका के बीच अदालत का रुख करना पड़ा।
डोटासरा ने यह भी कहा कि छुट्टी के दिन रात में हाईकोर्ट की सुनवाई होना बताता है कि चुनाव में उनके उम्मीदवारों को मतदान से रोकने की कोशिश की जा रही थी। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
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