Last updated: October 17th, 2026 at 07:23 am

उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी और अखिलेश यादव के राजनीतिक गठबंधन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी के बाद यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के आपसी सहयोग को जरूरी बताया। वहीं, कांग्रेस नेताओं इमरान मसूद और अजय राय ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए उसके दावों पर सवाल उठाए।
राजभर बोले- दोनों दलों को एक-दूसरे के सहयोग की जरूरत
ओमप्रकाश राजभर ने राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के सहयोग के बिना राहुल गांधी के लिए चुनाव में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत रखना मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के बिना अखिलेश यादव को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राजभर के मुताबिक, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों को चुनाव में एक-दूसरे के समर्थन की जरूरत है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी गठबंधन की राजनीतिक भूमिका को लेकर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
रायबरेली सीट को लेकर राजनाथ सिंह ने उठाया था सवाल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में राहुल गांधी और अखिलेश यादव के गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए सवाल किया था कि क्या राहुल गांधी समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना रायबरेली सीट बचा पाएंगे। उनके इसी बयान पर राजभर ने प्रतिक्रिया दी और दोनों दलों की राजनीतिक निर्भरता का मुद्दा उठाया।
इमरान मसूद ने बीजेपी पर किया पलटवार
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी राहुल गांधी और कांग्रेस के राजनीतिक प्रभाव को समझने में गलती कर रही है। उन्होंने लोकतंत्र और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संघर्ष करेगी।
कांग्रेस नेता के बयान से स्पष्ट है कि पार्टी ने इस मुद्दे पर बीजेपी की टिप्पणी का विरोध किया है और अपने राजनीतिक रुख पर कायम है।
अजय राय ने पीएम मोदी और वाराणसी चुनाव का किया जिक्र
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने भी राजनाथ सिंह के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहयोगी दलों और प्रशासनिक मशीनरी के समर्थन के बिना चुनाव लड़ सकते हैं।
अजय राय ने वाराणसी में मतगणना के शुरुआती सात दौर में प्रधानमंत्री के पीछे रहने का दावा करते हुए चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि काशी की जनता आगामी चुनाव में ऐसा जवाब देगी, जिसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ेगा।
फिलहाल, राजनाथ सिंह की टिप्पणी के बाद बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस बहस के केंद्र में राहुल गांधी और अखिलेश यादव के गठबंधन की भूमिका तथा चुनावी राजनीति में दोनों दलों के आपसी सहयोग का सवाल है।
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